फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चतुर्थ केदार रुद्रनाथ में तोड़फोड़ मामला: पुजारी व श्रद्धालुओं का सड़कों पर जुलूस प्रदर्शन, बाजार बंद, गोपीनाथ मंदिर में महापंचायत

Tue, 12 Apr 2022 09:04 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
विज्ञापन
1 of 5
मंदिर में तोड़फोड़ के विरोध में उतरे श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ में तोड़फोड़ को लेकर पुजारी, हक-हकूकधारी व श्रद्धालु सड़कों पर उतरे। जिलाधिकारी कार्यालय जुलूस प्रदर्शन किया गया। घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में गोपेश्वर बाजार बंद है। इसके बाद महापंचायत आयोजित की गई।

चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर में हुई तोड़फोड़ के विरोध में सोमवार को गोपेश्वर बाजार बंद रहा। साथ ही इस मामले में व्यापक रणनीति बनाने के लिए गोपीनाथ मंदिर प्रांगण में महापंचायत आयोजित की गई।  रुद्रनाथ मंदिर में तोड़फोड़ की घटना शनिवार को तब सामने आई जब वन विभाग की टीम वहां निरीक्षण करने गई थी। इसके बाद से मंदिर से जुड़े पुजारियों, हक हकूकधारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

हक-हकूकधारियों का कहना है कि इससे पूर्व में भी कई बार मंदिर में ऑफ सीजन में तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन आज तक मंदिर की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई है। इसके विरोध में गोपेश्वर व्यापार संघ ने गोपेश्वर बाजार बंद रखने का एलान किया।
विज्ञापन

2 of 5
प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
रविवार शाम को लाउडस्पीकर से इस बारे में अन्य व्यापारियों और आम लोगों को अवगत कराया गया था।
विज्ञापन

3 of 5
प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित ने बताया कि विरोध में गोपेश्वर बाजार बंद रखा गया और बाजार में प्रदर्शन भी किया गया।

4 of 5
प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
 रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी हरीश भट्ट, वेदप्रकाश भट्ट, सुनील तिवारी, महेंद्र तिवारी आदि ने बताया कि रुद्रनाथ मंदिर में अब तक चार बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।

ये भी पढ़ें...सिहर उठा रुड़की: चाकू से पत्नी का पेट चीर रहा था हैवान और तड़प रहे थे बच्चे, पढ़े कातिल का खून खौला देने वाला कबूलनामा
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
गोपीनाथ मंदिर के प्रांगण में आयोजित महापंचायत में मंदिर के पुजारी, हक हकूकधारी और अन्य श्रद्धालु मिलकर रणनीति तय की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें