दिल्ली और बेंगलुरू के पांच साहसी पर्यटकों ने वर्षों से अनछुए गमशाली-गुप्तखाल पास-बदरीनाथ उच्च हिमालयी ट्रेक को सफलतापूर्वक पूरा किया। बेहद जोखिम भरे इस 55 किमी लंबे ट्रेक को पूरा करने में दल को 11 दिन लगे।
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बीते 25 मई को उत्तरकाशी की ट्रैकिंग एजेंसी क्रिस्टल एडवेंचर के सहयोग से दिल्ली एवं बेंगलुरु के पांच साहसी पर्यटकों ने जोशीमठ चमोली से अभियान शुरू किया। दिल्ली निवासी भूपेंद्र सिंह पुंडीर के नेतृत्व में रवाना हुए दल में सूरज कुमार, युधिष्ठिर जगाधीश, अनुदित काला एवं गौतम बालिगा शामिल थे, जबकि क्रिस्टल एडवेंचर के विनोद पंवार इनके साथ गाइड के तौर पर गए।
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दल के लीडर भूपेंद्र पुंडीर ने बताया कि गमशाली से एरी उडियार, रत्तावन, बानकुंड लेक, गढ़ कैंपिंग, गुप्तखाल पास (19000 फिट), नागथुनी ग्लेशियर, नियर मूसापानी होते हुए दल 4 जून को माणा पहुंचा। कुल 55 किमी लंबे इस ट्रेक को पूरा करने में दल को 11 दिन लगे।
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गढ़वाल हिमालय में स्थित गुप्तखाल पास ट्रेक खासा जोखिम भरा है। क्रिस्टल एडवेंचर के गाइड उत्तरकाशी निवासी विनोद पंवार ने बताया कि पूर्व में कई देशी-विदेशी पर्यटकों ने ट्रेक को पूरा करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
वर्ष 2010 में दिल्ली के आशुतोष मिश्रा के नेतृत्व में गया अभियान दल गोविंदघाट घांघरिया के रास्ते ट्रेक को पूरा कर बदरीनाथ पहुंचा था। तब वे भी अभियान दल में शामिल थे। इसके बाद से भी कोई ट्रैकिंग दल इस दर्रे को पार नहीं कर पाया।