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बिजनौर कोर्ट में मारे गए शहनवाज से जुड़े दून में सर्राफ से हुई लूट के तार, आरोपी ने किए कई खुलासे

Mon, 06 Jan 2020 08:11 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
देहरादून के सरस्वती विहार की महिला सर्राफ लवी रस्तोगी से अप्रैल माह में हुई लूट की वारदात बिजनौर में पुलिस अभिरक्षा में मारे गए शाहनवाज अंसारी और उसके गैंग ने अंजाम दी थी। पुलिस ने लूट में शामिल एक आरोपी को कश्मीर के कुलगाम इलाके से गिरफ्तार कर पूरी साजिश से पर्दा उठा दिया। लूट में शामिल तीन आरोपी नजीबाबाद के बसपा नेता हाजी अहसान की हत्या में जेल में बंद हैं। पुलिस मुख्यालय ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
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बता दें कि  हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज को पुलिस अभिरक्षा में गोलियों से भूना गया था। हमले में शाहनवाज को 11 गोली लगने की पुष्टि हुई थी। शाहनवाज और उसके साथी जब्बार को तिहाड़ जेल से नजीबाबाद में हुई हाजी अहसान और शादाब की हत्या में बिजनौर की सीजेएम कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। पेशी के दौरान हाजी अहसान के बेटे साहिल निवासी बिजनौर, अकराज निवासी मोहल्ला राघड़ान किरतपुर और सुमित निवासी लिलौन (शामली)ने गोलियां बरसाकर शाहनवाज की हत्या कर दी थी। जबकि शाहनवाज का साथी जब्बार फ रार हो गया था। इस मामले में लापरवाही के आरोप में चौकी के दरोगा समेत 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
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तभी से नेहरू कालोनी के सरस्वती विहार इलाके में हुई यह वारदात लंबे समय से पुलिस के लिए पहेली बनी हुई थी। एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में गठित टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस उप महानिरीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि 15 अप्रैल 2019 को बाइक सवार तीन बदमाशों ने सरस्वती विहार स्थित सिद्धार्थ ज्वेलर्स की मालिक लवी रस्तोगी को आतंकित दिन-दहाड़े सोने और चांदी के जेवरात लूट लिए थे। 

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लूट की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। तत्कालीन एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने खुलासे को कई टीमें गठित की थीं, लेकिन लुटेरों का पता नहीं चल पाया था। अनसुलझे अपराधों की समीक्षा के दौरान एसपी सिटी श्वेता चौबे को इस मामले में नए सिरे से काम करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में एसपी श्वेता चौबे ने उप निरीक्षक दीपक धारीवाला को अपने आफिस से संबद्ध कर लुटेरों की तलाश शुरू की थी।
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डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि इसी बीच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक आरोपी की पहचान मोहम्मद विशाल निवासी तिलोकावाला, थाना रायपुर, बिजनौर के रूप में हुई। जांच में पता चला कि विशाल कश्मीर के कुलगाम इलाके में नाई की दुकान पर काम करता है। उप निरीक्षक दीपक धारीवाला के नेतृत्व में टीम 29 दिसंबर को कश्मीर के लिए रवाना हुई। 
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दो जनवरी को पुलिस टीम ने विशाल को वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से विशाल को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लूट में बिजनौर के शाहनवाज अंसारी के अलावा दानिश और दानिश (बड़ा) निवासी बड़ा कनकपुर और पेंटर मुकीम निवासी मुस्सापुर थाना नजीबाबाद (बिजनौर) शामिल थे।
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डीआईजी के मुताबिक सरस्वती विहार की लूट के बाद 28 मई को शाहनवाज ने दानिश आदि के साथ नजीबाबाद में बसपा नेता हाजी अहसान की हत्या कर दी थी। दोनों दानिश और मुकीम तो नजीबाबाद में पकड़े गए थे, जबकि शाहनवाज और जब्बार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 17 दिसंबर को दिल्ली पुलिस इन दोनों को अभिरक्षा में बिजनौर की सीजेएम कोर्ट में लाई थी। इसी दौरान हाजी अहसान के बेटे ने गोलियां बरसाकर शाहनवाज की हत्या कर दी थी, जबकि जब्बार बच गया था। इस लूट में मोहम्मद विशाल के हिस्से में सोने की अंगूठी और तीस हजार रुपये आए थे। 
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