मोहब्बेवाला चौक पर बुधवार दोपहर हुए भीषण हादसे में चार लोगों की मौत के बाद घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। किसी को हादसे का वीडियो बनाना था तो कोई कंटेनर के ऊपर चढ़कर पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में कैद करने में जुटा था। हर किसी को हादसे की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की जल्दी थी लेकिन जब राहत और बचाव कार्य में हाथ बंटाने की जरूरत पड़ी तो भीड़ में से चंद लोग ही आगे आए। हादसे के बाद का यह नजारा लोगों की संवेदनहीनता को भी उजागर कर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंटेनर के नीचे दबने से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे छह साल के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, कार सवार चार लोगों की मौत हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों ने शवों को बाहर निकालने के बाद घटनास्थल पर राहत कार्य आगे बढ़ाया। कंटेनर में भरी प्लास्टिक दाने की बोरियां हटाने की जरूरत पड़ी तो पुलिसकर्मियों ने वहां खड़े लोगों से भी अपील की।
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हैरानी की बात यह रही कि सैकड़ों लोगों की भीड़ में से महज 10 से 12 लोग ही मदद के लिए आगे आए। इन लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर कंटेनर से प्लास्टिक दाने की बोरियां हटाईं। बाकी लोग दूर खड़े होकर तमाशबीन बने रहे। कुछ युवक तो कंटेनर के ऊपर चढ़कर वीडियो बनाने में व्यस्त थे। उन्हें इस बात की परवाह नहीं दिखी कि घटनास्थल पर पुलिस और बचाव दल को काम करने में कितनी मुश्किल हो रही है।