सामाजिक पंरपराओं को तोड़ते हुए एक बेटी ने पिता के शव को मुखाग्नि देकर बटे का फर्ज निभाया। इस दृश्य को देखकर अंतिम संस्कार में उमड़े लोगों की आंखें छलक आई।
पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे 45 वर्षीय हरिओम अरोड़ा निवासी आवास विकास ऋषिकेश का हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट में उपचार चल रहा था।
देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह पार्थिव शरीर को अस्पताल से उनके आवास पर लाया गया।