पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह इसी डर से चुप रही, लेकिन चार दिन पहले जब उसे मासिक धर्म नहीं हुआ तो वह घबरा गई। उसने अपनी सहेलियों से पूछा तो उन्होंने गर्भवती होने जैसी बात बताई। इसे लेकर वह डायरेक्टर से मिलना चाह रही थी, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद शनिवार को उसे अपने कमरे में बुलाया और डॉक्टर के पास चलने को तैयार रहने को कहा। यही नहीं, आरोप है कि डायरेक्टर ने उसे धमकी दी कि गर्भपात कराने के बाद उसे स्कूल से निकाल देगी।