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उत्तराखंड: ये मर्डर पुलिस के लिए बना पहेली, अब तक 1 लाख 20 हजार मोबाइल नंबरों की हुई जांच

Wed, 05 Sep 2018 07:06 AM IST
अरविंद उपाध्याय, अमर उजाला, हल्द्वानी
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MURDER
हल्द्वानी का पूनम हत्याकांड पहेली बन गया है। एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। न अर्शा कुछ बता पा रही है और ना ही पुलिस के प्रयास जमीन पर दिख रहे हैं। इस हत्याकांड के दो दिन में खुलासा करने के पुलिस के दावे भी अब तक हवा हवाई हैं। हालांकि, पुलिस को अब आशंका है कि अर्शा कुछ छिपा रही है।

 
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arsha
पूनम की घायल बेटी अर्शा के बयान पर पुलिस की जांच टिकी है। पुलिस की इशारों में पूछताछ के दौरान अर्शा ने बताया कि उसने ही घटना के दिन दरवाजा खोला था। उसके घर दोस्त आए थे। बयान के आधार पर पुलिस ने नौ लड़कियों और युवकों से पूछताछ की। सिर्फ एक लड़की उससे मिलने के लिए गई थी, लेकिन उसके घटना में शामिल होने से अर्शा ने इनकार कर दिया। अभी दो लड़कियों से पुलिस की पूछताछ जारी है।
 
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MURDER
पुलिस को कातिलों से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस को आशंका है कि अर्शा कुछ छिपा रही है क्योंकि उसी के बयान पर लड़कियों और युवकों की परेड कराई गई, लेकिन उसने उनकी शिनाख्त करने से इनकार कर दिया। उसके जबड़े की सर्जरी होनी है। 
 

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पुलिस - फोटो : अमर उजाला
छानबीन में अब तक पुलिस का करीब एक लाख 20 हजार मोबाइल नंबरों की छानबीन का दावा है। करीब 52 संदिग्ध नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। खुलासे के लिए पुलिस की 18 टीमें लगाई गईं हैं। इनमें नैनीताल की 15, एसटीएफ की दो और ऊधमसिंह नगर की एसओजी की टीमें शामिल हैं। 72 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस अब तक करीब 70 युवक और युवतियों से पूछताछ कर चुकी है। 
 
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मारपीट का वीडियो वायरल होने पर छात्राओं के बीच दो गुट बन गए थे। एक गुट हमलावरों से बदला लेने के पक्ष में था, लेकिन हमला नहीं कर सके। नौ लड़कियों से पूछताछ के दौरान ये तथ्य सामने आए हैं। दोनों गुटों में डिग्री कॉलेज से लेकर इंटर तक की छात्राएं शामिल हैं। पुलिस की बाहर भेजी गई टीमें संदिग्ध अभियुक्तों को पकड़ने में विफल रही हैं। पुलिस की दो टीमें स्थानीय लोगों से पूछताछ कर जानकारियां जुटा रहीं हैं। 

अर्शा स्वस्थ होने पर ही सही ढंग से बातचीत करेगी। शरीर में लगी चोटों का उसके ऊपर काफी प्रभाव है। जबड़े में चोट के चलते वह ढंग से बोल नहीं रही है। पुलिस उसके स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है। एकांत में पूछताछ से ही असली बातें सामने आएगी।
- जन्मेजय खंडूरी एसएसपी 
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