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पुराने नोट बदलवाने के झांसे में न आइए, फंस सकते हैं लुटेरों के जाल में

Sat, 17 Dec 2016 04:02 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरिद्वार
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पुराने नोट - फोटो : Self
अगर कोई आपको पुराने नोट बदलकर नए नोट देने का ऑफर दे रहा है तो सावधान हो जाइए। ये लालच आप पर भारी पड़ सकता है। हरिद्वार के ज्वालापुर में नोट बदलने का झांसा देकर लाखों रुपये की रकम लूटने का ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
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शातिर युवकों ने जाल बिछाकर सहारनपुर के दो व्यापारियों को नोट बदलने के लिए ज्वालापुर बुलाया था। यहां एक बंद मकान में लेनदेन के समय उनके कुछ साथी प्लानिंग के तहत रकम लेकर भाग निकले। मामला काले धन से जुड़ा होने के कारण अभी लिखित शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है। वहीं मामला चर्चाओं में होने के बावजूद पुलिस मामले से अनभिज्ञता जता रही है।
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पुराने नोट - फोटो : social media
एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद से लोग नोट बदली की तिगड़म लगा रहे हैं। नोट बदलने के लिए कमीशन का धंधा भी बड़े पैमाने पर चल रहा है। ज्वालापुर के अलग अलग मोहल्ला निवासी कुछ शातिर युवकों ने गैंग बनाकर कालाधन लूटने का प्लान बनाया। जिसके तहत सहारनपुर के दो व्यापारियों को बहला फुसलाकर बुलाया गया।

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वारदात
सूत्र बताते हैं कि व्यापारी 18 लाख से ज्यादा की रकम बदलने पहुंचे। यहां अहबाबनगर के नजदीक एक बंद मकान में लेन देन चल रहा था कि युवकों के कुछ साथी अचानक वहां पहुंचे और नगदी झपट कर फरार हो गए। शोर मचाने पर काला धन की बात पकड़ में आने के डर से व्यापारी शातिर युवकों की खुशामद करते रहे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें डरा धमका भगा दिया। ये मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
अधिकांश युवकों की पहचान भी सबकी जुबान पर है। लेकिन पुलिस इससे अंजान है। जबकि सूत्र यह पूरा प्रकरण कुछ पुलिसकर्मियों की जानकारी में होने का दावा भी करते हैं। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी नवीन चंद्र सेमवाल और रानीपुर कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया। 
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
पहले भी कर चुके ऐसी वारदात
शातिर युवक इससे पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। नोटबंदी के अलावा अलग अलग बहाने से लोगों के साथ ठगी की जा चुकी है। सूत्र बताते हैं कि कुछ युवक ठगी के मामले में पहले जेल भी जा चुके हैं। इस बार प्लान में ज्यादा लोग शामिल होने के कारण मामला लीक होने पर चर्चाओं में आ गया। पुलिस और इनकम टैक्स विभाग गहनता से पड़ताल करे तो कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।
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