अरुणाचल से असम जाते हुए हुई एक ट्रक दुर्घटना में मृत 11वीं गढ़वाल राइफल के जवान संदीप रावत को सैकड़ों लोगों ने रविवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। कोटी कालोनी में सैनिक सम्मान के साथ संदीप का अंतिम संस्कार किया गया।
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PICS: नम आंखों से दी शहीदों को अतिम विदाई
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टिहरी के दिखोल गांव निवासी संदीप रावत (28) पुत्र दिलबर सिंह एक जनवरी की रात को अरुणाचल से असम जाते हुए ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें संदीप सहित छह जवानों की मौत हो गई थी और दो घायल हो गए थे। मृतकों में तीन जवान गढ़वाल क्षेत्र तथा एक देहरादून के विकासनगर क्षेत्र का था।
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रविवार सुबह नौ बजे तिरंगा झंडे में लिपटे संदीप के पार्थिव शरीर को लेकर सेना के जवान दिखोल गांव पहुंचे। शव देख संदीप की पत्नी शांता देवी, मां किसनी देवी और पिता दिलबर सिंह बिलख पडे़। पत्नी को ढांढस बंधाते मंत्री दिनेश धनै।
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10 बजे शव को वीर गब्बर सिंह स्मारक पर लाया गया और 11 बजे कोटी कालोनी घाट पर लाया गया। जहां 11वीं गढ़वाल के सूबेदार माणिक चंद पंवार और 20वीं गढ़वाल के सूबेदार नरेंद्र सिंह सहित 20 जवानों ने उन्हें शस्त्र गार्ड ऑफ ऑनर के बाद अंतिम संस्कार किया गया।
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हादसे में मारे गए रुद्रप्रयाग के रहने वाले दूसरे जवान अरविंद सिंह (25) की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। रविवार प्रात: 7.30 बजे सेना के वाहन से सैनिक का पार्थिव शरीर 6-कुमाऊं रेजीमेंट रुदप्रयाग के कैंप पहुंचा। कैंप से सैनिक की शव यात्रा मुख्य बाजार से मकड़ी बाजार होते हुए सेना के बैंड के साथा संगम पहुंची।
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सुबह 11.30 बजे मंदाकिनी और अलकनंदा नदी के संगम पर गढ़वाल स्काउट जोशीमठ और 6-कुमाऊं रेजीमेंट रुद्रप्रयाग के जवानों ने सैनिक सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी।
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बेटे का शव देखते ही अरविंद के पिता फफक पिता फफक पड़े। कहा जिस बेटे के सिर पर मैंने कुछ दिन पहले सेहरा बांधा था, आज उसके शव को कंधा दे रहा हूं। मुझ से बड़ा अभागा कौन हो सकता है। बहू के हाथों की मेहंदी अभी उतरी भी नहीं है और उसकी कलाइयां सूनी हो गई हैं।
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भुनका गांव निवासी दरबान सिंह और बरदेयी देवी की चार संतानों में अरविंद सबसे छोटा था। इंटर की पढ़ाई के बाद वर्ष 2011 में वह गढ़वाल राइफल में भर्ती हुआ। बीते वर्ष छह दिसंबर को ही अरविंद की शादी हुई थी।
हादसे में शहीद हुए देवप्रयाग निवासी लांसनायक दीपचंद्र का सैन्य सम्मान के साथ पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री और स्थानीय विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी ने जवान के पार्थिव शरीर को कंधा दिया।