फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: मुक्तिधाम के सफर में सारथी बन मानवता की मिसाल पेश कर रहे 'सेवादार', कोरोना मृतकों का करा रहे दाह-संस्कार

Sat, 01 May 2021 01:35 AM IST
अलका त्यागी शिवा अग्रवाल, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
1 of 6
हरिद्वार में कोरोना संक्रमितों का दाह संस्कार कर रहे लोग - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में कोरोना महामारी के पैर फैलाते ही मौत का आंकड़ा बढ़ गया है। ऐसे में अपनों के बीच दूरियां बढ़ रही है। स्थिति ये हैं कि किसी खास की मौत पर भी लोग शोक जताने नहीं जा रहे हैं। दाह-संस्कार में गिने-चुने लोग रिश्तेदार ही पहुंच रहे हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार की मात्र औपचारिकता निभाई जा रही है।

उत्तराखंड: 24 घंटे में रिकॉर्ड 122 मरीजों की मौत, 5654 नए संक्रमित मिले, एक्टिव केस 55 हजार पार

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यह जरूरी भी है। इन परिस्थितियों में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो सेवाभाव से मुक्तिधाम (श्मशान गृह) के सफर के सारथी की भूमिका निभा रहे हैं। यह लोग कोरोना पॉजिटिव मृतकों का अंतिम संस्कार कराने में आगे आ रहे हैं।

हरिद्वार में कोरोना: बढ़ने लगी शवों की संख्या, श्मशान घाट में अंत्येष्टि के लिए नहीं मिल रही जगह, तस्वीरें...

वैश्विक महामारी कोरोना से खुद को बचाकर किसी संक्रमित व्यक्ति का दाह संस्कार कराना जोखिम भरा काम है। मगर इस काम में कनखल के कई लोग आगे आकर अपनी जिंदगी की परवाह न करते हुए मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। कनखल के बंगाली अस्पताल के पास रहने वाले भूपेंद्र कुमार व्यापारी हैं, मगर कोरोना की इस घड़ी में हर किसी के साथ खड़े हुए नजर आ रहे हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
हरिद्वार में कोरोना संक्रमित के शव को एंबुलेंस से उतारते लोग - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार के लिए उन पर लगातार फोन आ रहे हैं। इधर फोन की घंटी बजती नहीं कि भूपेंद्र कुमार तुरंत श्मशान घाट पहुंचकर संक्रमितों का अंतिम संस्कार करा रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 6
हरिद्वार में कोरोना संक्रमितों का दाह संस्कार कर रहे लोग - फोटो : अमर उजाला
वहीं पहाड़ी बाजार के रहने वाले अजय राजपूत बिजली का काम करते हैं। वह भी एक फोन पर तुरंत ही संक्रमितों का अंतिम संस्कार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही कुम्हारगढ़ा कनखल के रहने वाले देवेंद्र प्रजापति ट्रेवल्स कारोबारी हैं।

4 of 6
हरिद्वार में अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
वह भी कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार में पूरा फर्ज निभा रहे हैं। जहां परिजन उन्हें कंधा भी नहीं दे रहे हैं। वहीं यह लोग मानवता को अपना पहला धर्म मानकर अपना फर्ज निभाने में जुटे हुए हैं। इन लोगों का कहना है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
विज्ञापन

5 of 6
हरिद्वार में अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
इन सभी मददगारों ने क्षेत्र के श्मशान घाट पर अपना नाम और नंबर लिखकर तख्ती लटका रखी है। इसपर लिखा हुआ है कि यदि किसी को अंतिम संस्कार संबंधित किसी प्रकार की मदद की जरूरत है तो वह नंबर पर फोन कर संपर्क कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कनखल श्मशान घाट पर शव लेकर पहुंची एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
श्मशान घाट पर बहुत से ऐसे लोग अपनों का अंतिम संस्कार करने पहुंच रहे हैं जिनके साथ एक व्यक्ति भी मदद के लिए नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोग इन मददगारों की सहायता से शवों का अंतिम संस्कार करवा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें