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Covid-19: आईआईटी रुड़की की टीम ने की कोरोना के इलाज में कारगर मोलेक्यूल की पहचान, शोध में सामने आई ये बातें

Wed, 02 Nov 2022 10:34 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं ने प्रचलित दवा के प्रायोगिक अध्ययन के जरिये कोविड-19 संक्रमण के इलाज में कारगर तीन एंटी-वायरल मोलेक्यूल की पहचान की है। बताया गया है कि दवा को रिपर्पस करने पर आधारित मोलेक्यूलर थैरेपी क्लीनिकल ट्रायल के लिए तैयार है। 

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शोध प्रमुख बायोसाइंसेज एवं बायोइंजीनियरिंग विभाग की प्रो. शैली तोमर ने बताया कि शोध टीम ने कोविड 19 वायरस को टार्गेट करने और दवा के मोलेक्यूल की पहचान करने के लिए प्रोटीन डेटा बैंक का उपयोग किया। साथ ही प्रचलित दवाओं से नए एंटी-सार्स सीओवी 2 मोलेक्यूल खोजने के मकसद से दवा को पर्पस करने की रणनीति अपनाई।
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शोध करने वाली आईआईटी रुड़की की टीम - फोटो : अमर उजाला
टीम ने कैंसर की दवा आईएनसी 28060 एंटी-डायबेटिक मोलेक्यूल डालिटाजोन और प्राकृतिक फाइटोकेमिकल कोलम्बियानाडीन की खोज की। जिनमें सूजन और कैंसर का प्रभाव कम करने के गुण हैं और जो कोविड 19 वायरस पर असरदार है।
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नमूनों की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : PTI
दवा विकसित करने के थकाऊ लंबा समय लेने वाले और महंगे अध्ययन के बिना दवा को रिपर्पस करने पर आधारित मोलेक्यूलर थिरैपी क्लिनिकल ट्रायल के लिए तैयार है। प्रो. तोमर ने बताया कि टीम ने प्रोटीन डाटा बैंक में उपलब्ध परमाणु संरचनाओं के उपयोग से छह एनबीपी की पहचान की।

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कोरोना संक्रमण - फोटो : Social Media
शोध में एक दवा से केवल एक वायरस प्रोटीन को टार्गेट करने के बजाय विभिन्न वायरस प्रोटीनों को मल्टी- टार्गेट करने की प्रणाली चुनी गई है। इस मल्टी- टार्गेट प्रयोग से इलाज के अधिक कारगर होने की उम्मीद है।
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आईआईटी रुड़की - फोटो : अमर उजाला
संस्थान निदेशक प्रो. केके पंत ने कहा है कि सास-सीओ 2 वायरस पर इस तरह का शोध न केवल कोविड- 19 महामारी बल्कि नए वैरियंट से निपटने और भविष्य के लिए तैयार रहने में भी महत्वपूर्ण है। इस शोध के माध्यम से वैज्ञानिक समुदाय को इस तरह के वायरस को बेहतर समझने और कारगर वैक्सीन तैयार करने में मदद मिलेगी।
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