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कोरोना के संकट से देवभूमि में सन्नाटा, तस्वीरों में देखें लॉकडाउन से पहले और अनलॉक के बाद के हालात

Mon, 24 Aug 2020 03:52 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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रामनगर स्थित गर्जिया मंदिर अभी और पहले - फोटो : amar ujala
आज 24 अगस्त को भारत में कोरोना महामारी के कारण लागू हुए लॉकडाउन को पांच महीने पूरे हो चुके हैं। उत्तराखंड के गुलजार रहने वाले स्थानों पर अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
 
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नैनीताल माल रोड अभी और पहले - फोटो : amar ujala
अमर उजाला इन स्थानों के हालात तस्वीरें के जरिए दिखाने जा रहा है। 24 मार्च 2020 को देश में पहला एक दिवसीय जनता कर्फ्यू लगा था।
 
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रक्षाबंधन में होने वाला बग्वाल मेला 2020 और 2019 में - फोटो : amar ujala
इन पांच महीनों के दौरान जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन लगा और अब अनलॉक चल रहा है। लॉकडाउन के चार चरणों के बाद एक जून से अनलॉक शुरू हो गया।

 

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सितारगंज स्थित नानकमत्ता गुरुद्वारा अभी और पहले - फोटो : amar ujala
अनलॉक के तहत कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को खोल दिया गया है, लेकिन संक्रमण के कारण अभी भी लोग उत्तराखंड के पर्यटक और ऐतिहासिक स्थलों पर जाने से परहेज कर रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
चंपावत में स्थित रीठा साहिब गुरुद्वारा में पहले भीड़ लगती थी, लेकिन अब सन्नाटा है। लधिया और रतिया के संगम में स्थित रीठा साहिब गुरुद्वारा सिखों का प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहां सिखों के प्रथम गुरु नानक देव अपने शिष्य मरदाना के संग पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कड़वे रीठे को मिठास देकर इस स्थान को प्रमुख तीर्थ स्थल में बदल दिया था।  
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- फोटो : amar ujala
बागेश्वर स्थित बागनाथ मंदिर उत्तर भारत में एक मात्र प्राचीन शिव मंदिर है जो कि दक्षिण मुखी है जिसमें शिव शक्ति की जल लहरी पूरब दिशा को है। यहां पहले भीड़ लगती थी, लेकिन अब सन्नाटा है।
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- फोटो : amar ujala
पिथौरागढ़ जिले में स्थित हाट कालिका मंदिर में पहले रोज़ भक्तों की भीड़ लगती थी, लेकिन अब सन्नाटा है। मंदिर के निवास के बारे में पुराणों में भी उल्लेख मिलता है। प्राचीन हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार गुरु शंकराचार्य ने महाकली का शाक्तिपीठ स्थापित करने के लिए इस जगह का चयन किया था।
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- फोटो : amar ujala
लॉकडाउन से पहले गूलरभोज स्थित बौर जलाशय में पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता था। लेकिन अब यहां सन्नाटा है।
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