पूर्व सीएम एनडी तिवारी द्वारा उठाए गए मुद्दे को उत्तराखंड सरकार ने अभी तक गंभीरता से नहीं लिया। इस मामले को लेकर तिवारी परिवार के अंदर काफी मलाल है। अब तिवारी ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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- फोटो : Self
वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश ने पूर्व सीएम के जन्मदिन में शामिल होकर भले ही उभरते घाव पर मरहम लगाया, लेकिन अब वह घाव भरता नहीं दिख रहा है। समझा जाता है कि पूर्व सीएम ने दमुवाढूंगा के बाद गफूरबस्ती का मामला उठाकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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एनडी तिवारी
एनडी तिवारी ने पिछले साल सुशीला तिवारी अस्पताल की समस्याओं सहित कई मामलों को उठाया था, लेकिन सीएम हरीश रावत ने आश्वासन देकर तिवारी को शांत कर दिया। प्रदेश सरकार की अनदेखी का मामला अंदर ही अंदर तिवारी परिवार के
लिए घाव बन गया।
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नारायण दत्त तिवारी
पूर्व सीएम के जन्मदिन समारोह में वित्तमंत्री ने शामिल होकर घाव भरने की कोशिश की, लेकिन लगता नहीं है कि घाव भर गया है। कांग्रेस की तरफ से एनडी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी को टिकट देने के मामले में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
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नारायण दत्त तिवारी
लोगों का मानना है कि इसी दर्द से परेशान एनडी तिवारी ने दमुवाढूंगा को मालिकाना हक दिलाने के मुद्दे को उठाया। यहां कांग्रेस के विरोधी ही कार्यक्रम के आयोजक थे।
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- फोटो : AmarUjala
शायद इसी बात से घबराकर कांग्रेस के लोगों ने पनचक्की तिराहे पर तिवारी की कार रोककर वापस जाओ के नारे लगाए। इसी प्रकार गफूरबस्ती के मुद्दे को उठाकर पूर्व सीएम ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इस सभा में वक्ताओं ने सीधे वित्तमंत्री को कठघरे में खड़ा किया। माना जा रहा है कि इसका सीधा असर वित्तमंत्री के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा। इसका फायदा कांग्रेस विरोधियों को मिल सकता है।