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...जब सदन में ट्रैकर बनकर पहुंच गए कांग्रेसी विधायक, नोंकझोंक के बाद धरने पर बैठे, तस्वीरें

Wed, 26 Jun 2019 08:35 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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ट्रेकर के लिबाज में सदन में पहुंचे कांग्रेसी विधायक - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में स्थानीय ट्रैकरों की समस्या को लेकर कांग्रेसी विधायक मनोज रावत और राजकुमार ट्रैकर बनकर विधानसभा पहुंचे। विधायक राजकुमार के हाथों में ट्रैकिंग में इस्तेमाल होने वाली एक छड़ी भी थी। दोनों विधायकों ने जब इस लिबास में सदन के प्रवेश द्वार पर पहुंचे तो उन्हें वहां तैनात मार्शलों ने रोक लिया। 
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ट्रेकर के लिबाज में सदन में पहुंचे कांग्रेसी विधायक - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान मार्शलों और उनके बीच नोकझोंक भी हुई। वे कुछ देर वहां धरने पर भी बैठे रहे, बाद में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह वहां पहुंचे और दोनों विधायकों को अपने साथ ले गए। दोनों विधायकों ने ट्रैकर बनकर सभा मंडप में प्रवेश किया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपति को तो बुग्याल में शादी की इजाजत दे रही है, लेकिन स्थानीय ट्रैकरों को वहां जाने से रोका जा रहा है। 
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ट्रेकर के लिबाज में सदन में पहुंचे कांग्रेसी विधायक - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुग्यालों मे रात्रि विश्राम पर हाईकोर्ट की लगाई गई रोक क फैसले के खिलाफ सरकार के सुप्रीम कोर्ट नहीं जाने को लेकर कांग्रेसी विधायकों ने रोष जताया। वे विधानसभा में मंगलवार सुबह ट्रैकर बन कर पहुंचे। गेट पर उन्हें सुरक्षा व्यवस्था में लगे मार्शलों ने रोक लिया। 

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ट्रेकर के लिबाज में सदन में पहुंचे कांग्रेसी विधायक - फोटो : अमर उजाला
इससे नाराज होकर दोनों विधायक धरने पर बैठ गए। इससे पूर्व उन्होंने कहा कि बुग्यालों में रात्रि विश्राम नहीं करने देने से ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े युवा बेरोजगार हो गए है, उनका कारोबार खत्म हो रहा है। सरकार पलायन रोकने की बात कर रही है, लेकिन पहल कोई नहीं की जा रही है। 
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ट्रेकर के लिबाज में सदन में पहुंचे कांग्रेसी विधायक - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने चिंता जाहिर की कि पिछले साल अगस्त महीने में न्यायालय का फैसला आने के बाद सरकार अब तक सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर नहीं कर पाई है। कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बड़े उद्योगपतियों को जमीन बेचना चाहती है।
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