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विधानसभा का टिकट चाहिए तो दिखाना होगा 'आधार'

Sat, 31 Dec 2016 01:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मंत्रियों और विधायकों के टिकट पक्के होने की संभावनाओं के बीच कांग्रेस ने टिकट आवंटन में जमीनी कार्यकर्ता की भागीदारी बनाने का फैसला लिया है। पार्टी ने टिकट की दावेदारी करने वालों को निर्देश दिए हैं कि वे जिन विधानसभा सीटों से टिकट चाहते हैं, उसके प्रत्येक पोलिंग बूथ से पांच-पांच पार्टी कार्यकर्ताओं का ब्योरा उपलब्ध कराएं।
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ये ब्योरा वे व्हाट्स एप, फैक्स या ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। उन्हें कार्यकर्ता का नाम, पता, मोबाइल नंबर भेजना है। ये ब्योरा उन्हें दो जनवरी को दोपहर 12 बजे तक उपलब्ध कराना है।

यह निर्णय कुमारी शैलजा की अध्यक्षता में गठित सेंट्रल स्क्रीनिंग कमेटी की नई दिल्ली में हुई बैठक में लिया गया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी के मुताबिक, सभी दावेदारों को जल्द से जल्द पार्टी कार्यालय को ब्योरा देने का कहा गया है।
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विवरण उपलब्ध कराने के बाद ही पार्टी दावेदार के आवेदन को स्क्रीनिंग कमेटी के सामने रखेगी। जो ब्योरा उपलब्ध नहीं कराएंगे, समिति उनके नामों पर विचार नहीं करेगी।

एक तीर से दो निशाने 

congress rally
पार्टी इस फार्मूले के जरिये एक तीर से दो निशाने साधना चाहती है। पहला ये कि टिकटों के आवंटन की प्रक्रिया में वह आम कार्यकर्ता की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। वह संदेश देना चाहती है कि टिकट आवंटन में आम कार्यकर्ताओं की राय उसके लिये अहम है।

दूसरी वजह बड़ी संख्या में आए दावेदारों के बारे में भी वह इस आकलन पर पहुंचना चाहती है कि जिस चुनाव क्षेत्र से वे टिकट मांग रहे हैं, वहां उनका कितना जनाधार है। हर मतदान केंद्र से पांच-पांच कार्यकर्ताओं का ब्योरा आने के बाद पार्टी उनके दमखम को लेकर फीडबैक भी ले सकती है। पार्टी को लगता है कि इस कवायद से वह कार्यकर्ताओं को मोबलाइज कर सकेगी।
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मंत्री-विधायकों को भी देना होगा ब्योरा 

सीएम हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव में मंत्रियों और विधायकों का टिकट पक्का माना जा रहा है, लेकिन पार्टी ने उन्हें मतदान केंद्र स्तर पर पांच-पांच कार्यकर्ताओं का ब्योरा देना होगा।

रणनीतिक कदम
पार्टी के इस कदम को रणनीतिक माना जा रहा है। दरअसल, दावेदारों के जनाधार को जानने के अतिरिक्त पार्टी अपने चुनावी एजेंडे को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को एक डाटा बैंक तैयार कर रही है। इसके जरिये पार्टी का सोशल मीडिया टीम भाजपा नीति केंद्र सरकार के फैसलों पर पलटवार करने की टिप्स उपलब्ध कराएगी। फिलहाल पार्टी ने नोटबंदी को बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है।
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