भूगोलवेत्ता डॉ. जेएस कंडारी ने अपनी किताब में बताया है कि नदी, बगड़ों के रूप में संप्राय भूभाग वाले क्षेत्रों में कर्णप्रयाग, श्रीनगर, मलेथा, स्यूंसी, सतपुुली, पाटीसैंण, सोमेश्वर और चौखुटिया आदि हैं। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं सबसे अधिक होती हैं। भूगोलवेत्ता डॉ. राकेश गैरोला और डॉ. कमलेश कुंवर कहते हैं कि संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र ढीली अवसाद चट्टानों से निर्मित है।