संचालिका के रकम लौटाने में असमर्थता जताने पर निवेशक और भड़क गए। उन्होंने कार्यालय में हंगामा करना शुरू कर दिया। भड़के निवेशक तोड़-फोड़ और अभद्रता पर उतारू हो गए। सूचना पर पुलिस मौके से संचालिका और एजेंटों को कोतवाली ले आई। पीछे-पीछे निवेशक भी कोतवाली पहुंचे और प्रभारी कोतवाल का घेराव कर दिया। इस दौरान स्थानीय निवासी भावना मर्तोलिया, कैलाश भोटिया, नरेश, कृष्ण कुमार, रोशनी देवी, शांति देवी, दयाल सिंह, खीम पाल, प्रकाश सिंह आदि निवेशकों ने कंपनी के निदेशक और संचालिका पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। इस मामले को लेकर कोतवाली में घंटों तक दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही। बाद में पुलिस ने संचालिका से लिखित इकरारनामा लिया। इसके तहत निवेशकों को रकम लौटाने के लिए तीन माह की मोहलत दी गई। प्रभारी कोतवाल एसएस नयाल ने बताया कि यदि तीन माह के भीतर निवेशकों की रकम नहीं मिली तो संचालिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।