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चारधाम यात्रा 2020: केदारनाथ धाम से पीएम मोदी का पुराना रिश्ता, भोलेनाथ के हैं अगाध भक्त

Wed, 29 Apr 2020 11:08 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : File Photo
बुधवार सुबह मेष लग्न में भगवान केदारनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। इसके बाद अगले छह महीने तक बाबा केदार की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय पूजा में पुजारी समेत सिर्फ 16 लोग ही शामिल हुए। केदारनाथ धाम कपाट खुलने के पश्चात सर्वप्रथम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रूद्राभिषेक पूजा संपन्न की गई। केदारनाथ धाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिश्ता काफी पुराना है। यहां उन्होंने साधना की थी।  
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- फोटो : File Photo
 प्रधानमंत्री मोदी ने कभी केदारनाथ के पास गरुड़चट्टी में करीब डेढ़ माह गुफा में साधना की थी।
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- फोटो : File Photo
बताया जाता है कि 80 के दशक में वह अक्सर बाबा केदार के दर्शनों को आते रहते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वह कई बार केदारनाथ धाम आ चुके हैं।

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- फोटो : File Photo
केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों के मुताबिक 1985-1986 के बीच उन दिनों वह संघ से जुड़े थे और योग साधना को लेकर प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार कर रहे थे।
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- फोटो : File Photo
इसलिए उन्होंने सबसे पहले खुद ही गरुड़चट्टी स्थित गुफा में साधना शुरू कर दी। वह करीब डेढ़ माह यहां रहे। तब मोदी प्रतिदिन केदार बाबा के दर्शन के लिए जाते थे। पूजा पाठ कर वे चाय पिया करते थे।
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- फोटो : एएनआई
इसके बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय कदम रखे और वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री बनने के बाद वर्ष 2002 में भी वह केदारनाथ आए थे।
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- फोटो : File Photo
2013 में आपदा के बाद भी वे बाबा केदार के धाम पहुंचे थे। 2019 मई माह में लोकसभा चुनाव मतगणना से कुछ दिन पहले पीएम मोदी धाम आए थे और यहां कई घंटों रुद्र गुफा में साधना की थी।
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- फोटो : एएनआई
उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिधान देश भर में चर्चा का विषय बन गया था। परिधान उत्तराखंड के जौनसार बावर के विशेषज्ञ दर्जी रण सिंह ने तैयार किया था। जौनसार बावर के इस पारंपरिक परिधान को चोड़ा कहा जाता है।
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