प्रशासन का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के बाद परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही यात्रा संचालन का निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि मध्य हिमालय में 11750 फीट की ऊंचाई पर मंदाकिनी व सरस्वती नदी के संगम पर विराजमान भगवान आशुतोष के ग्याहरवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। धाम का नर-नारायण, पांडवों और आदि गुरू शंकराचार्य की भक्ति और तप से सीधा संबंध है।