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चारधाम यात्रा 2020: खुले बदरीनाथ मंदिर के कपाट, तस्वीरों में करें धाम के दर्शन

Fri, 15 May 2020 05:09 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बदरीनाथ धाम के खुले कपाट - फोटो : amar ujala
पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद आज (शुक्रवार) सुबह 4.30 बजे बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए। इस बार बेहद सादगी के साथ कपाट खोले गए। कपाटोद्घाटन मे मुख्य पुजारी रावल, धर्माधिकारी भूवन चन्द्र उनियाल, राजगुरु, हकहकूकधारियो सहित केवल 11 लोग ही शामिल हो सके। वहीं धाम में कुल 28 लोग मौजूद थे। बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया 14 मई (गुरुवार) से ही शुरू हो गई थी।
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बदरीनाथ धाम के खुले कपाट - फोटो : amar ujala
कपाट खोलने से पहले बदरीनाथ सिंह द्वार, मंदिर परिसर, परिक्रमा स्थल, तप्त कुंड के साथ ही विभिन्न स्थानों को सैनिटाइज किया गया। योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर में कुबेर जी, उद्धव जी और गरुड़ जी की विशेष पूजाएं हुईं। हक-हकूकधारियों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए भगवान श्री बदरीनाथ की पूजा अर्चना की और पुष्प अर्पित किए। 
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बदरीनाथ धाम मंदिर - फोटो : amar ujala
बदरीनाथ धाम को 10 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया है। पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश की ओर से मंदिर को सजाया गया। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश की ओर से मंदिर को सजाया गया है।

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बदरीनाथ धाम के खुले कपाट - फोटो : amar ujala
बता दें कि जब से चारधाम यात्रा शुरू हुई है तब से अब तक बदरीनाथ धाम के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब धाम में कपाट खुलने के समय वेद मंत्रों और जय बदरीनाथ का जयघोष तो सुनाई दिए, लेकिन उनके भक्तों का हुजूम मौजूद नहीं रहा। 
 
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बदरीनाथ धाम के खुले कपाट - फोटो : amar ujala
इतना ही नहीं इतिहास में पहली बार बदरीनाथ धाम के कपाट तय तिथि 30 अप्रैल को न खुलकर इस बार कोरोना संकट के कारण तिथि को बदलकर 15 मई कर दिया गया। चमोली नेहरु युवा केंद्र के जिला समन्वयक डॉ. योगेश धस्माना ने बताया कि वर्ष 1920 में स्वामी विवेकानंद सरस्वती हैजा रोग फैलने के कारण बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर नहीं जा पाए थे और कर्णप्रयाग से ही लौट गए थे। लेकिन तब यह संकट की स्थिति यात्रा के मध्य में आई थी।
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