फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haridwar: कार्तिक पूर्णिमा पर रहेगा चंद्र ग्रहण, श्रद्धालु इस समय न करें गंगा स्नान, ये हैं दो शुभ मुहूर्त

Mon, 07 Nov 2022 06:35 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
1 of 6
चंद्र ग्रहण और कार्तिक पूर्णिमा स्नान - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को साल का आखिरी पर्व स्नान कार्तिक पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण एक साथ पड़ रहा है। अब 14 जनवरी 2023 जनवरी में मकर संक्रांति पर सबसे बड़ा स्नान होगा। हरिद्वार में चंद्र ग्रहण शाम को 57 मिनट रहेगा।

Chandra Grahan: कल बंद रहेंगे मंदिर, जानिए सूतक लगने का समय और ग्रहणकाल में क्या करें और क्या करने से बचें

चंद्र ग्रहण की अवधि को छोड़कर बाकी पूरे दिन श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाएंगे। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए उत्तर भारत के राज्यों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। नौ घंटे पूर्व सूतक लगने से मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। 

मान्यता है कि पर्व स्नानों में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान को पवित्र माना गया है। गंगा में स्नान करने से पुण्य मिलता है। कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरा पूर्णिमा या गंगा स्नान भी कहा जाता है। इस पूर्णिमा को भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था।
विज्ञापन

2 of 6
दान
ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रदीप जोशी ने बताया कि, इस दिन गंगा या दूसरी पवित्र नदियों में स्नान का महत्व है। स्नान के बाद किए गए दान, व्रत, तप, जप का लाभ चिरकाल तक बना रहता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक मंगलवार को कार्तिक पूर्णिका का स्नान बेहद लाभकारी है, क्योंकि मंगलवार को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। 
विज्ञापन

3 of 6
चंद्रग्रहण - फोटो : अमर उजाला
चंद्र ग्रहण शाम 5:22 बजे से प्रभावी होगा और 6:19 बजे तक रहेगा। हरिद्वार में 57 मिनट तक चंद्र ग्रहण का असर रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के बजाए गंगा तट पर जप करना और दान करना 100 गुना फलदायी होगा।

4 of 6
गगंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
बताया कि सुबह 6:30 बजे से सात बजे तक स्नान का शुभ मुहूर्त है। दोपहर में 12 बजे से एक बजे तक स्नान का दूसरा मुहूर्त है। श्रद्धालु तड़के ब्रह्म मुहूर्त और चंद्र ग्रहण के बाद स्नान कर पुण्य लाभ कमा सकते हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
हरिद्वार में गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
नारायणी शिला के पुरोहित पंडित मनोज त्रिपाठी बताते हैं, चंद्र ग्रहण में नौ घंटे पहले सूतक लग जाता है। मंगलवार को मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए बंद रहेंगे। देवी-देवताओं को स्नान कराया जाएगा। चंद्र ग्रहण समापन के बाद आरती की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
हरकी पैड़ी - फोटो : अमर उजाला
सूतक लगने की अवधि से चंद्र ग्रहण समापन तक सिद्धि और जाप करने से मनोकामना पूरी होती है। गंगा किनारे सिद्धि जाप अति उत्तम होता है। श्रद्धालु गंगा स्नान कर दान-पुण्य करें। जरूरतमंदों को भोजन कराएं और भिक्षा देकर आशीर्वाद प्राप्त करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें