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चैत्र नवरात्र 2019: मां दुर्गा के नव रूपों से संबंधित ये नौ औषधियां होती हैं बड़ी गुणकारी

Sat, 06 Apr 2019 08:14 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विकासनगर
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भारतीय शास्त्रों में वर्ष में दो बार नवरात्र मनाने की परंपरा है। इसमें से वसंतीय नवरात्र (चैत्र नवरात्र) नवजीवन व नए बीजों के अंकुरण का प्रतीक है। जो औषधियां वसंत ऋतु में अंकुरित होती हैं। वे शरद में परिपूर्ण होकर मानव कल्याण के काम आती हैं। इसलिए दोनों ऋतुओं में मनाया जाने वाले नवरात्र का अपना अपना महत्व है। 
 
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हिंदू मान्यता के अनुसार वसंत ऋतु जीवन की शुरुआत का प्रतीक है। जब प्रकृति अपना श्रंगार कर मानव को जीवन जीने की ललक के लिए प्रेरित करती है। शरद ऋतु संपन्नता का प्रतीक है। पंडित ललिता प्रसाद पुरोहित के अनुसार वसंत व शरद दोनों ऋतुओं में दिन रात बराबर होते हैं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दोनों ऋतुओं में कई प्रकार के रोगों में भी वृद्धि होती है।
 
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आरती - फोटो : SELF
इसलिए सभी प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए ‘आद्य शक्ति स्वरूपा’ देवी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। भारतीय शास्त्रों में नव दुर्गा रूपी नौ औषधियों का पूजन करने की परंपरा है जो शरीर में होने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों के लिए विलक्षण औषधि का काम करती हैं। 
 

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ब्राह्मी
 दुर्गा के नव रूपों से संबंधित नौ औषधियां 
 1. शैल पुत्री- औषधि : पाषाण भेद (शिलपाड़ी)- पथरी, शरीर में बनने वाली गांठ आदि रोगों के निवारण में काम आती है। 
 2. ब्रह्मचारिणी- औषधि : ब्राह्मी - दिमागी शांति, बुद्धि वृद्धि सहित मस्तिष्क संबंधित सभी रोगों के निवारण के काम आती है।
 3. चंद्रघंटा- औषधि : चंद्रसूर (चकुंडा) -सभी प्रकार के ज्वरों का नाश करने में सहायक।
 
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तुलसी
 4. कूष्मांडा- औषधि : कुष्मांड (भुजेला)-आमाशय व पेट से संबंधित सभी प्रकार के विकारों को दूर करने में सहायक।
 5. स्कंधमाता- औषधि : तुलसी- दिव्य गुणों से युक्त सर्वगुण संपन्न औषधि।
 6. कात्यायनी- औषधि : नागर मोथा-गर्मी से संबंधित सभी रोगों के निवारण में सहायक।
 
 
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शंख पुष्पी
7. कालरात्रि- औषधि : सुमेवा (सुमय्या)- शरीर में काल रूपी नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि में सहायक।
 8. महागौरी- औषधि : सोमवल्ली (सोमलता)- सभी प्रकार के रोगों के नाश करने में सहायक व पौराणिक ग्रंथों में वर्णित देवों के पेय सोमरस बनाने में सहायक।
 9. सिद्धिधात्री- औषधि : शंख पुष्पी- मस्तिष्क व शरीर का ताकत देने के साथ ही दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति को बुद्धि वर्धक बनाने में सहायक।
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