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चैत्र नवरात्रि 2019: बन रहा विशेष संयोग, इस शुभ मुहूर्त में घट स्थापना से हर मनोकामना होगी पूरी

Sat, 06 Apr 2019 08:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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कलश
मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि आज से शुरू हो रहा है। नवरात्र के दिनों मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की पूजा होती है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्त विविध प्रकार से पूजा-अर्चना करेंगे। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। 
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चैत्र नवरात्र पर इस बार विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषचार्य शास्त्री संदीप कोटनाल ने बताया कि शनिवार को शनि भगवान और हनुमान जी का दिन है। हनुमान राम के अनन्य भक्त हैं। जिसके चलते इस दिन विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन पूजा पाठ करने से भगवान श्रीराम के साथ ही हनुमान जी व शनि की भक्तों पर विशेष कृपा होगी।  
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शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करना अच्छा रहता है। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन अभिजीत मुहूर्त में सुबह 6:09 बजे से 10:19 बजे तक घट स्थापना करना बेहद शुभ होगा। नवरात्र में हर कोई मां सिंहवाहिनी की भक्ति में लीन नजर आता है। उपवास और व्रत रखने वाले मंदिरों और घरों में मां की पूजा करते हैं।

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अनुष्ठान और साधना के लिए चैत्र नवरात्र श्रेष्ठ माने जाते हैं। कोटनाला ने बताया कि चैत्र शब्द से चंद्र तिथि का बोध होता है। सूर्य मीन राशि में जाने से चैत्र मास में शुक्ल सप्तमी से दशमी तक शक्ति आराधना का विधान है। 
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14 अप्रैल को नवमी मनाई जाएगी। शुक्रवार को मंदिरों में सुबह से ही सफाई कार्य किया गया। शाम को माता के दरबार रंग बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे। सार्वजनिक दुर्गा पंडालों में भी आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई है। उधर पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए दिनभर बाजार में भीड़ रही।
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चैत्र नवरात्र से नव संवत्सर की शुरुआत होती है और नया पंचांग लागू हो जाता है। पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्र से पहले मां दुर्गा अवतरित हुई थीं। ब्रह्मा पुराण के अनुसार, देवी ने ब्रह्माजी को सृष्टि निर्माण करने के लिए कहा। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप में अवतार लिया था। श्रीराम का जन्म भी चैत्र नवरात्र में ही हुआ था।
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