चैत्र नवरात्र से नव संवत्सर की शुरुआत होती है और नया पंचांग लागू हो जाता है। पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्र से पहले मां दुर्गा अवतरित हुई थीं। ब्रह्मा पुराण के अनुसार, देवी ने ब्रह्माजी को सृष्टि निर्माण करने के लिए कहा। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप में अवतार लिया था। श्रीराम का जन्म भी चैत्र नवरात्र में ही हुआ था।