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चैत्र नवरात्र 2019: बाजार में आई आलू की ऐसी मिठाई जो भक्तों को खूब भायी

Wed, 10 Apr 2019 01:55 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal कमलेश जोशी, अमर उजाला, भवाली (नैनीताल)
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आलू की मिठाई - फोटो : अमर उजाला
इन दिनों नवरात्र के व्रत चल रहे हैं और व्रत के बीच मिठाई और फलों की महत्ता बढ़ जाती है। ऐसे में नैनीताल के भवाली में ही ईजाद आलू की मिठाई से भला कोई कैसे दूर रहे। कोई भी मिठाई अमूमन खोया के मिश्रण से ही बनती है, लेकिन अगर आप भवाली आएंगे तो बटर पेपर में लिपटी आलू की लौज हाथ में आते ही एक नए स्वाद से लोग रूबरू होते हैं। 
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अमर उजाला
नवरात्र में आलू की मिठाई का यहां खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। जानते कम हैं, लेकिन आलू का लौज अब भवाली की मिठाई के रूप में पहचान बना चुका है। अपने दूधिया स्वाद के बीच आलू की कतरनों को चीनी, इलायची, नारियल के एक पाक से बनी मिठाई बटर पेपर की कैप में परंपरागत रूप से लोगों को परोसी जाती है।
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फाइल फोटो
बटर पेपर की कैप का उपयोग मिठाई को जमाने के लिए किया जाता है। इससे मिठाई हाथ में चिपकती भी नहीं है। इसके लिए उत्तम गुणवत्ता का खोया होना जरूरी है। लौज बनाने के लिए आलू को छीलकर, कद्दूकस कर पानी में डुबाकर रखा जाता है ताकि वह काला न पड़े।

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फिर उसे एक निर्धारित आंच पर चीनी की चाशनी में पकाया जाता है। उपयुक्त समय पर कद्दूकस किए हुए खत्ते के खोये को एक निश्चित परिमाण में इस प्रकार मिलाया जाता है कि आलू के लच्छों को नुकसान न हो। थोड़ा ठंडा होने के बाद इसमें नारियल का बुरादा, पिसी छोटी इलायची मिलाकर बड़ी परात में ठंडा होने के लिये फैला दिया जाता है। फिर लौज को बटर पेपर कैप पर भरा जाता है।
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पहाड़ के तापमान पर एक रात में ही लौज सेट हो जाती है। आलू की लौज की डॉक्यूमेंट्री कई चैनलों ने दिखाई है। दादाजी आनंद बल्लभ बेलवाल के समय से करीब 80 वर्ष पुराने प्रतिष्ठान के स्वामी कंचन बेलवाल बताते हैं कि आलू की लौज उनके यहां बनाया जा रहा है। नवरात्र में इसकी महत्ता काफी बढ़ जाती है। दूसरे मिठाई विक्रेता हरेंद्र सिंह बिष्ट बताते हैं कि भवाली से गुजरने वाले लोग आलू की लौज का जायका जरूर लेते हैं।
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