हनुमान जयंती पर मंगलवार को मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। बजरंग बली को नया चोला पहनाकर लड्डूओं का भोग लगाया गया। मंदिरों में सुबह से शाम तक भजन कीर्तन किए गए। हनुमान जयंती के मौके पर आज शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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झाझरा स्थित श्री बाला जी धाम में सुबह पांच बजे बजरंग बली को सोने का चोला चढ़ाया गया। इसके बाद संकट मोचक यज्ञ का आयोजन किया गया। पंडित पंकज किशोर गौड़ ने बताया कि हनुमान जयंती पर शहीदों को समर्पित सवा ग्यारह मन का लड्डू चढ़ाया गया। कार्यक्रम के बाद भंडारे का आयोजन हुआ। उन्होंने बताया कि मंदिर में करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
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बजरंग दल की ओर से बाइक रैली निकाली गई। रैली की शुरुआत लक्ष्मण चौक स्थित हिंदू नेशनल कॉलेज से हुई। जो कि सहारनपुर चौक, अग्रसेन चौक, गांधी रोड, दर्शनलाल चौक, पलटन बाजार, झंडा बाजार होते हुए वापस कॉलेज पहुंच संपन्न हुई।
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- फोटो : a
शिव मंदिर आकाशदीप कालोनी बल्लूपुर रोड पर हनुमान जयंती पर सुंदरकांड का पाठ किया गया। इस मौके पर भजन-कीर्तन भी किए गए। बजरंग बली को सवा पांच किलो लड्डू का भोग लगाया गया। इस मौके पर डीसी रतूड़ी, एमपी भरतरी, संजीव धवन आदि उपस्थित थे।
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शिव मंदिर आकाशदीप कालोनी बल्लूपुर रोड पर हनुमान जयंती पर सुंदरकांड का पाठ किया गया। इस मौके पर भजन-कीर्तन भी किए गए। बजरंग बली को सवा पांच किलो लड्डू का भोग लगाया गया। इस मौके पर डीसी रतूड़ी, एमपी भरतरी, संजीव धवन आदि उपस्थित थे।
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सहारनपुर चौक स्थित श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में महंत 108 रविंद्रपुरी महाराज के सानिध्य में अखंड रामायण पाठ का हुआ। हनुमान जयंती पर बजरंग बली को 51 किलो लड्डुओं का भोग लगाया गया। हनुमान जी को चमेली का तेल व सिंदूर का चोला अर्पित कर चांदी के अर्क से शृंगार किया गया।
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प्रेमनगर स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में हनुमान जयंती पर रामायण पाठ किया गया। इस मौके पर हनुमान जी का विशेष-अभिषेक किया गया। शाम को मंदिर परिसर में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कोई बजरंग बली बना तो किसी ने राम-सीता बनकर सबका मन मोह लिया।
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हनुमान चौक स्थित हनुमान मंदिर में सुबह विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर हनुमान जी को सिंदूरिया चोला चढ़ाया गया। बजरंग बली को लड्डुओं का भोग लगाया गया। मंदिर में सुंदरकांड का पाठ किया गया। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शाम को भजन-कीर्तन किए गए।
इस बार हनुमान जयंती पर त्रेता युग जैसा संयोग बनने से इसका महत्व बढ़ गया। ज्योतिषों के अनुसार तिथि, वार व नक्षत्र के हिसाब से हनुमान जयंती पर यह योग बना है। मंगलवार, पूर्णिमा तिथि, चित्रा नक्षत्र होने से गज केसरी योग बना। विशेष योग बनने से यह दिन बेहद खास माना गया। इस दिन हनुमान जी की पूजा अर्चना करने से फल भी कई गुना अधिक मिलता है।