भरत सिंह बताते हैं कि सैंण गांव ही नहीं पूरे इलाके के लोग गांव के बेटे के देश के सबसे बड़े सैन्य ओहदे पर पहुंचने अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। तब उस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोटद्वार, ऋषिकेश, देहरादून से भी लोग गांव पहुंचे थे, लेकिन बुधवार की खबर से पूरा इलाका सदमें में है। बुधवार को सैंण गांव में उनकी चाची सुशीला देवी और चचेरा भाई रवींद्र और देवेंद्र भी मौजूद थे। उन्हें सीडीएस बिपिन रावत के निधन की जानकारी मिली तो वे दुखी हो गए।