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निदेशक के इस फैसले IIT से पीएचडी करने वालों को लगा बड़ा झटका

Tue, 28 Mar 2017 01:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की
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आईआईटी से पीएचडी करने वालों को यहीं पर फैकल्टी के रूप में अब तैनाती नहीं मिल सकेगी। कम से कम पांच साल का अनुभव ग्रहण करने के बाद ही आईआईटी में उसकी तैनाती हो सकेगी।
 
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scholarship - फोटो : अमर उजाला
आईआईटी रुड़की के निदेशक की ओर से शिक्षा की गुणवत्ता और रैकिंग सुधारने के लिए यह पहल की गई है। इससे पहले आईआईटी रुड़की से पीएचडी करने वालों को फैकल्टी के रूप में यहीं तैनाती दी जाती थी। ऐसे में पीएचडी कर यहीं पर फैकल्टी नियुक्त होने की आस लगाए शोधार्थियों को झटका लग सकता है।
 
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आईआईटी
आईआईटी रुड़की में कई प्रोफेसर ऐसे हैं जिन्होंने यहीं से पीएचडी की उपाधि ली और फिर यहीं फैकल्टी के रूप में तैनाती हो गई, लेकिन अब यह संभव नहीं हो सकेगा। आईआईटी निदेशक एके चतुर्वेदी के अनुसार यहां से पीएचडी करने वालों को यहीं पर नियुक्ति नहीं दी जा सकेगी, चाहे वह कितना भी योग्य क्यों न हो।
 

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- फोटो : Logo
इसके लिए उसे कम से कम पांच साल अन्य संस्थान से अनुभव ग्रहण करना होगा। इसके बाद योग्यता के आधार पर प्रक्रिया के तहत उसका चयन किया जा सकता है। उनका मानना है कि आईआईटी रुड़की से पीएचडी करने वाला व्यक्ति परिवार के सदस्य की तरह होता है।
 
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आईआईटी
ऐसे में उसकी यहीं पर तैनाती उचित नहीं है, हालांकि उन्होंने इसे सभी आईआईटी में पहले से चली आ रही व्यवस्था करार दिया, जबकि इसके विपरीत आईआईटी रुड़की में पहले यहीं से पीएचडी करने वालों को बतौर फैकल्टी नियुक्त किया जा चुका है। अब आईआईटी निदेशक की सख्ती के बाद इस पर रोक लगना तय माना जा रहा है, जिससे संस्थान से  पीएचडी कर यहीं नियुक्ति की आस लगाने वालों को झटका लग सकता है।
 
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प्रद्यौगिकी संस्थान
आईआईटी रुड़की में पांच साल की संविदा पर अब विदेशी फैकल्टी भी तैनात किए जा सकेंगे। उन्हें भी अन्य फैकल्टी की तरह की सुविधाएं और मानदेय दिया जाएगा। आईआईटी निदेशक के अनुसार अच्छी फैकल्टी की नियुक्ति के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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