फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां सचिन तेंदुलकर के 'घर' पर चलेगा बुलडोजर, बचाने के लिए हैं बस 15 दिन

Sat, 09 Sep 2017 08:34 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 7
sachin tendulkar with friend
क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के 'आशियाने' पर 15 दिन बाद बुलडोजर (जेसीबी) चलने वाला है।  सुप्रीम कोर्ट से स्टे नहीं लाए तो लंढौर कैंट बोर्ड किसी भी दिन आशियाना पर जेसीबी चला सकती है।
 
विज्ञापन

2 of 7
sachin tendulkar
मसूरी के लंढौर कैंट स्थित पूर्व क्रिकेट सचिन तेंदुलकर के मित्र और उद्योगपति संजय नारंग के ढहलिया बैंक स्थित  ‘सचिन के आशियाने’ के नाम से मशहूर बंगले में अवैध निर्माण पर कार्रवाई 15 दिन बाद होगी।

 
विज्ञापन

3 of 7
Sachin Tendulkar
सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कैंट बोर्ड को 15 दिन इंतजार करना होगा। कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन ने बताया कि ढहलिया बैंक के अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए फिलहाल उन्हें केवल इंतजार करना है। जानकारों की मानें तो उनका कहना है कि अगर संजय नारंग 15 दिन के भीतर ध्वस्तीकरण के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे नहीं लाए तो लंढौर कैंट बोर्ड किसी भी दिन आशियाना पर जेसीबी चला सकती है।

 

4 of 7
sachin tendulkar
मसूरी में पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के नजदीकी मित्र एवं बिजनेस पार्टनर संजय नारंग का ‘सचिन का आशियाना’ के नाम से मशहूर ढहलिया बैंक आवास है। सचिन जब भी मसूरी में छुट्टियां मनाने आते हैं तो इसी ढहलिया बैंक में ठहरते हैं। लिहाजा इसे ‘सचिन का आशियाना’ नाम से भी जाना जाने लगा है।
 
 
विज्ञापन

5 of 7
sachin
पांच सिंतबर को नैनीताल हाईकोर्ट ने इमारत में हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दिए। इस विवाद की शुरुआत काफी समय पहले हुई थी। ढहलिया बैंक हाउस को तोड़ने के कैंट बोर्ड के आदेशों के चलते जुलाई 2016 में सचिन तेंदुलकर उस वक्त विवादों में फंस गए थे, जब उन पर मामले में कैंट बोर्ड से राहत के लिए तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर से सिफारिश लगाने का आरोप लगा था। हालांकि, बाद में सचिन ने इस पर सफाई दी थी।

 
विज्ञापन

6 of 7
sachin
उन्होंने कहा था कि इस प्रॉपर्टी से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने केवल एक बैठक में इस विवाद को देखते हुए रक्षा मंत्री से हल निकालने की गुजारिश की थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Sachin Tendulkar - फोटो : AmarUjala
बता दें कि ढहलिया बैंक में तमाम सुविधाएं हैं, जिनके निर्माण के लिए नियमों को ताक पर रखा गया। भवन निर्माण मानचित्र पर अनुमति देने के लिए सेना और रक्षा संपदा विभाग में लंबे समय तक ठनी रही। मानचित्र पास होने के बाद भी टेनिस कोर्ट आदि के निर्माण को छावनी बोर्ड ने नियमों का उल्लंघन माना। हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण सेना और रक्षा संपदा के मध्य कमान मुख्यालयों से कई स्तर पर जांच हुई। इसके बाद अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई छावनी परिषद ने शुरू कर दी थी, लेकिन संजय नारंग ने हाईकोर्ट में कैंट बोर्ड के आदेश को चुनौती दे दी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें