शहीद सूरज
सात दिन पहले डयूटी में जाने से पहले सूरज ने विदा लेते समय दादी, पिता और मां सीता देवी के चरण छूकर जल्द घर आने की बात कही थी और बहन की शादी धूमधाम से कराने का वादा किया था। सूरज की दादी रूपली देवी, मां सीता देवी और बहन राधा को अभी तक सूरज के शहीद होने की जानकारी नहीं दी गई है। यही वजह है कि रोज की तरह रविवार को भी सूरज की मां, दादी और बहन रोजमर्रा की तरह घर का काम निपटाने में लगी रहीं।