देहरादून के ईसी रोड स्थित भारत हार्ट इंस्टीट्यूट में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा काटा और तोड़फोड़ भी की।
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bharat heart institute
- फोटो : AmarUjala
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बाद में परिजन शव लेकर अपने पैतृक गांव को रवाना हो गए। मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएल रोड निवासी रामपाल सिंह (68) को चार दिन पहले सीने में दर्द की शिकायत के बाद ईसी रोड स्थित भारत हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार जांच के बाद चिकित्सकों ने फेफडे़ में पानी भरे होने की बात कहते हुए उपचार शुरू किया।
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मंगलवार को चिकित्सकों ने एंजियोग्राफी की जरूरत बताते हुए चार लाख रुपये जमा कराने को कहा। रामपाल सिंह के पुत्र रजनीश के अनुसार उन्होंने करीब दो लाख रुपये का इंतजाम भी कर लिया। उन्होंने कहा कि शेष दो लाख रुपये वे बुधवार शाम तक जमा करा देंगे। रजनीश ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने एंजियोग्राफी से इंकार करते हुए उपचार बंद कर दिया, जिसके चलते बुधवार दोपहर रामपाल की मौत हो गई।
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इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने दरवाजे और खिड़की के शीशे भी तोड़ दिए। बाद में उन्होंने अस्पताल परिसर और बाहर भी जमकर विरोध जताया। रोते हुए परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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सीओ डालनवाला पंकज गैरोला समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया। वहीं इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. चेतन शर्मा ने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में उन्होंने एसएमएस भेजकर बताया कि वह फिलहाल बात नहीं कर सकते। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
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अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ होते ही उपचार कराने पहुंचे मरीज व उनके तिमारदार लौट गए। वहीं अस्पताल के कर्मचारी भी गायब हो गए। कुछ कर्मचारी छत पर चढ़कर तमाशा देखने लगे। हंगामा खत्म होने के काफी देर बाद तक भी कोई कर्मचारी वापस नहीं आया।