बैरागीवाला गांव में रविवार का दिन दो परिवारों के लिए खुशियों का सबसे बड़ा मौका बनने वाला था। घर में शहनाइयां बजनी थीं, बेटियों की डोली उठनी थी और रिश्तेदारों की चहल-पहल से आंगन गुलजार होने वाले थे लेकिन भाजपा नेता विनोद की हत्या के बाद उपजे सांप्रदायिक तनाव ने ऐसा माहौल बनाया कि सारी तैयारियां धरी रह गईं। जहां खुशियों के गीत गूंजने थे वहां पूरे दिन पुलिस-प्रशासन और दमकल वाहनों के सायरन सुनाई देते रहे। वहीं आज मस्जिद में दूसरे दिन भी अज़ान नहीं हुई।
गांव की रहने वाली सबनम (24) की शादी सहारनपुर जिले के ननौली निवासी शहदाब से तय थी। जबकि उमरा (23) का निकाह फक्कार के साथ होना था। दोनों परिवार कई महीनों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। घरों में मेहमान पहुंच चुके थे और शादी की अंतिम तैयारियां चल रही थीं लेकिन शनिवार रात गांव में बढ़ते तनाव और विरोध-प्रदर्शनों ने सब कुछ बदल दिया। रात होते-होते हालात इतने बिगड़ गए कि रिश्तेदारों ने गांव में रुकना सुरक्षित नहीं समझा। जो जहां था वहीं से वापस लौटने लगा।