हरक सिंह रावत
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उन्होंने कहा, मैं साफ कह रहा हूं, प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सरकारों के बलबूते पर परिवर्तन नहीं होगा। परिवर्तन यदि होगा तो प्रदेश के छोटे कर्मचारियों के दम पर होगा। जिम्मेदार पदों पर जो लोग हैं, उन्हें बड़ा दिल दिखाना होगा। डॉ. रावत नौकरशाही की बढ़ती फौज पर कटाक्ष करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि पहले 13 जिलाधिकारी थे। दो कमिश्नर थे। कुछ विभागों में एक दो आईएएस अफसर थे। हमने इनकी संख्या बढ़ाकर 100 से अधिक कर दिया। आईपीएस और पीसीएस अफसरों को फौज बढ़ गई। लेकिन जिस फौज को जमीन पर काम करना है, वो संकुचित होती चली गई।