उत्तराखंड में वैसे तो भगवान हनुमान के कई मंदिर हैं। लेकिन यह बात बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि उत्तराखंड की इसी भूमि पर संकटमोचन का जन्म हुआ था।
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किवदंतियों के अनुसार हनुमानजी का जन्म देहरादून के चंद्रबनी स्थित गौतम कुंड में हुआ था। उनकी मां अंजना ने यहीं जंगल में तपस्या की और गौतम ऋषि भी यहां लंबे समय तक रहे।
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यहां से वे हर रोज गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार जाते थे। इसी जगह पर अहिल्या ने इंद्र को श्राप दिया था। यहीं गौतम ऋषि की पुत्री अंजना ने तपस्या की और हनुमान जी को जन्म दिया।
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केदारखंड में चंद्रबनी के इस मंदिर का उल्लेख मिलता है। यहीं गौतम ऋषि गंगा को भी लेकर आए थे, तब से अब तक यहां कुंड से स्वत: निकलने वाले पानी को गंगा का रूप मानकर पूजन-स्नान आदि किया जाता है।
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यह बात कम ही लोग जानते हैं। अब इस प्राचीन स्थल के प्रचार-प्रसार के लिए गौतम कुंड मंदिर की ओर से फिल्म तैयार की गई थी।
चंद्रबनी स्थित गौतम कुंड का इतिहास काफी पुराना है। ऐसा माना जाता है कि गौतम ऋषि यहीं पर रहते थे। माना जाता है कि हनुमान जयंती के दिन यहां कुंड में स्नान करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।