राशनकार्ड धारकों को सरकार की ओर से दी जाने वाली इस सुविधा को बंद कर दिया है। इसके बदले में सरकार ने नयी योजना तैयार की है। पढ़ें जरूरी खबर...
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चावल
दरअसल, कुछ समय के लिए सरकार ने उत्तराखंड सरकार द्वारा दिए जाने वाले साढ़े सात किलो चावल दिए जाने की योजना को बंद दिया है। इसके बदले केवल ढाई किलो चावल जो केंद्र सरकार से आताा है वही दिया जाएगा।
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ration card
गेहूं पूर्व की भांति प्रति कार्ड पांच किलो उपलब्ध कराई जाएगी। साढ़े सात किलो चावल पर राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में डाली जाएगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि केंद्र सरकार ने अभी तक राज्य खाद्य योजना के लाभार्थियों को डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को मंजूरी नहीं दी है। केंद्र की मंजूरी के बाद लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जाने वाले राशन के मूल्य के बराबर की राशि उनके खाते में उपलब्ध कराई जाएगी।
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Ration card
राज्य खाद्य योजना के लाभार्थियों को प्रतिमाह दस किलो चावल (15 रुपये प्रतिकिलो) और पांच किलो गेहूं ( 6.80 रुपये प्रतिकिलो) की दर से उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। इस योजना के लाभार्थियों को जो राशन उपलब्ध कराई जाती है उसमें से ढाई किलो चावल और पांच किलो गेहूं केंद्र सरकार से मिलता है। राज्य सरकार अपने स्तर से साढ़े सात किलो चावल उपलब्ध कराती है।
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money
- फोटो : money
देश सरकार ने पिछले माह फैसला लिया था कि नवंबर माह से राज्य खाद्य योजना के लाभार्थियों को अनाज उपलब्ध कराए जाने के बदले उसके मूल्य के बराबर की राशि उनके बैंक खाते में डाल दी जाएगी। इसके बाद इसकी मंजूरी केंद्र सरकार से मांगी गई थी। केंद्र से मंजूरी मिलने की स्थिति में नई व्यवस्था लागू की गई है जिसके तहत राज्य खाद्य योजना के कार्डधारकों को नवंबर माह से अगले आदेश तक ढाई किलो चावल और पांच किलो गेहूं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले साढ़े सात किलो चावल की सब्सिडी लाभार्थियों के खाते में डाल दी जाएगी। यह राशि लगभग 75 रुपये हो सकती है।
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money
राज्य खाद्य योजना के सभी कार्डधारकों को साढ़े सात किलो चावल की सब्सिडी नहीं मिल पाएगी। वजह यह है कि राज्य खाद्य योजना के लगभग 10.47 लाख में से लगभग चार लाख कार्डधारकों का बैंक खाता नंबर ही विभाग अपडेट कर पाया है। अन्य कार्डधारकों का बैंक खाता नंबर विभाग के रिकार्ड में फीड नहीं है। ऐसे में उनको सब्सिडी नहीं पाएगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे खाता नंबर अपडेट होते जाएंगे लाभार्थियों को सब्सिडी मिलनी लगेगी।
अंत्योदय खाद्य योजना के लगभग 1.84 लाख कार्डधारकों को प्रतिमाह 32 रुपये की दर से एक किलो चीनी दिए जाने की व्यवस्था है। प्रदेश सरकार ने सितंबर माह के दौरान फैसला लिया था कि अंत्योदय खाद्य योजना के कार्डधारकों को एक किलो चीनी की बजाए उनके खाते में सब्सिडी की राशि (18.50 रुपये) डाल दी जाएगी। इसके लिए भी अभी केंद्र से अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में अभी साफ नहीं है कि अंत्योदय खाद्य योजना के लाभार्थियों को नवंबर के दौरान चीनी मिलेगी या सब्सिडी की राशि।