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तस्वीरें: गैस रिसाव से हुआ जोरदार धमाका, आठ दुकानें जमींदोज

Sun, 25 Dec 2016 08:24 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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blast - फोटो : rajeev gupta/ amarujala
देहरादून के गोविंदगढ़ में इतना जोरदार धमाका हुआ कि आठ दुकानें जमींदोज हो गईं। जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शनिवार देर रात कैंट क्षेत्र गोविंदनगर में एक फास्ट फूड की दुकान में संदिग्ध परिस्थितियों में धमाका हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि आठ दुकानें सहित आसपास के कई घर इसके चपेट में आ गई। दुकान के पीछे झोपड़ी में सो रहे एक ही परिवार के महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकालकर 108 की मदद से अस्पताल भेजा। इसके बाद पुलिस पहुंची। रविवार सुबह तक जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। पुलिस का दावा है कि दुकान में गैस रिसने और निकासी न होने की वजह से अधिक दबाव होने से धमाका हुआ।
 
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शनिवार देर रात ढाई बजे के करीब गोविंदगढ़ में जोरदार धमाका हुआ। धमाका होते ही अपने घरों में सो रहे लोगों में अफरा तफरी मच गयी। लोग समझ नहीं पाये कि आखिर क्या हुआ। कुछ लोग भूकंप का झटका समझकर घर से बाहर भागे तो कुछ लोगों को लगा कि बम का धमाका हुआ है। कुछ ही मिनट में शोर शराबा, चीख पुकार, रोने धोने की आवाजें आने लगी। चीख पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे तो पता चला कि दुकान में धमाका हुआ और तीन चार दुकानों की छतें गिरी पड़ी हैं। जिसके मलबे में कुछ लोग दब हैं। इतने में किसी ने करीब 2:45 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी।
 
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सूचना मिलते ही कैंट कोतवाली, कोतवाली नगर सहित अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मौका मुआयने के तुरंत बाद मौके पर फायर सर्विस, बम निरोधक दास्ता (बीडीएस) की टीम को बुलाया गया। बीडीएस की टीम अपने स्तर पर जांच पड़ताल कर चली गयी।

 

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पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यम्मी टम्मी फास्ट फूड की दुकान में गैस रिसने, दुकानें पूर्णत बंद होने के कारण गैस का अधिक दबाव होने से धमाका एवं क्षतिग्रस्त होना पाया गया है। मदन लाल (60), निर्माला देवी (55), भूपेन्द्र (22)और योगेश (27) को चोट लगी है। यह सभी एक ही परिवार के लोग हैं। फास्ट फूड की दुकान के पीछे झोपड़ी में यह लोग सो रहे थे। गनीमत रही कि यह हादसा दिन में नहीं हुआ। वरना कई लोग हादसे का शिकार हो जाते।

 
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फास्ट फूड की दुकान के एक ओर ज्वेलर की दुकान व बुटीक था। दूसरी ओर मोटर साइकिल रिपेयर और जनरल स्टोर था। इन सब दुकानों की छतें एक साथ हैं। हादसे के बाद इन चारों दुकानों की छतें एक साथ गिर गई। सड़क पार भी चार दुकानें इसके चपेट में आई। जिनके शटर और शीशे चकनाचूर हो गये। इसके अलावा कई घरों के दीवार में दरार पड़ गई हैं। धमाके से दो सौ मीटर दूर तक के दो घरों के शीशे टूटे।

 
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कैंट पुलिस सूचना मिलने के बाद भी देरी से पहुंची। गनीमत रही कि स्थानीय लोग सूद, वासिफ, दानिश और विकास ने हिम्मत दिखाते हुए अंधेरे में मलबे से सभी को बाहर निकाला। पुलिस पहुंची भी तो खाली हाथ। यहां तक कि कैंट इंस्पेक्टर मौके से नदारद दिखे। बिना जांच पड़ताल किए वह दावे के साथ कह रहे थे कि फास्ट फूड की दुकान में गैस रिसाव से ही धमाका हुआ है। जबकि सुबह राहत बचाव दल ने मलबा हटाया तो सिलेंडर बिल्‍कुल सुरक्षित मिला। वहीं दुकान में गैस बनने से धमाका होने की बात से दुकानदार पंकज वर्मा ने भी इंकार किया। वर्मा का कहना है कि बिना जांच पड़ताल के रिपोर्ट के कुछ भी कहना ठीक नहीं है।

 
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टेक्निकल ओपियन के अनुसार गैस सिलेंडर लगभग खाली हो चुका था। ऐसे में रिसाव हुआ है। फास्ट फूड की दुकान थी। निश्चित तौर पर कार्बन की काफी परतें भी इकट्ठा हुई होंगी। ऐसे में गैस रिसाव से दुकान में प्रेशर बना होगा और दबाव पड़ने पर हादसा हुआ। मौके पर गई अन्य टीमें भी अभी जांच पड़ताल कर रही हैं।
- स्वीटी अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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