भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जन्माष्टमी मनाई जाती है। आचार्य डॉ. संतोष खंडूडी ने बताया कि 2 सितंबर की रात्रि को 8 बजकर 48 मिनट से अगले दिन शाम 7 बजकर 20 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी। रोहिणी नक्षत्र रात्रि 8:49 बजे से सोमवार रात्रि 8:05 बजे तक रहेगा। 3 सितंबर को अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र का संयोग शाम 7:20 बजे तक रहेगा इसके बाद अर्द्धरात्रि में नवमी तिथि मृगशिरा नक्षत्र व्याप्त होने से अष्टमी व्रत का विशेष माहात्म्य नहीं होगा। इसलिए 2 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी अर्द्धरात्रि अष्टमी रोहिणी नक्षत्र वृषभ लग्न चंद्रोदय काल में मनाना शुभ रहेगी। लेकिन इस दिन गलती से भी ये कुछ काम नहीं करने चाहिए। इससे कान्हा नाराज हो जाते हैं। जिससे जीवन में कठिनाईयां पैदा होती हैं।