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PICS: जाम ने कराई सात दुल्हे राजाओं की फजीहत, शुभ मुहूर्त निकला, शाम को हुई दिन की शादी

Fri, 23 Feb 2018 06:11 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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जाम का झाम ऐसा फंसा कि, सात बारातों के दुल्हे और बारातियों की खूब फजीहत हुई। शुभ मुहूर्त तो निकल ही गया फिर सुबह होने वाली शादी शाम को करानी पड़ी।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर बुधवार को धौन के पास बोल्डर गिरने से करीब साढ़े सात घंटे तक ठप रही आवाजाही के चलते मुसाफिरों की जो फजीहत हुई सो हुई सबसे ज्यादा दिक्कत बारातियों को उठानी पड़ी। इस जाम में सात बारातें फंसी थीं। जहां दिन की शादी होनी थी वहां रात की शादी करानी पड़ी। वर-वधू दोनों ही पक्षों को दोबारा भोजन की व्यवस्था करनी पड़ी। इस तरह विवाह में खान-पान का दूना खर्च उठाना पड़ा।
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उचौलीगोठ गांव के कमल सिंह के बेटे सुरेश सिंह का विवाह मंच के भुवन सिंह की बेटी रेनू से 21 फरवरी को होना था। जाम में फंसने से बारात समय पर नहीं पहुंची और एक दिन की शादी दो दिन में बदल गई। दोपहर एक बजे पहुंचने वाली बारात रात करीब 9:30 बजे पहुंची। रास्ते में बाराती तो भूखे-प्यासे रहे ही, वहीं वधू पक्ष का दिन में बना भोजन बर्बाद हो गया और रात को दोबारा भोजन बनाया गया। शादी का नया मुहूर्त निकालकर रात करीब 10.55 बजे विवाह की रस्म पूरी की गई।

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दिन की शादी के कारण बारातियों के लिए बिस्तर का इंतजाम नहीं किया गया था। जैसे-तैसे एक टेंट हाउस से इंतजाम कराया। बारात बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे 111 किलोमीटर दूर उचौलीगोठ वापस पहुंची। वहीं वर पक्ष भी प्रीतिभोज नहीं करा सका। उनका प्रीतिभोज के लिए बनाया खाना भी बर्बाद हो गया। प्रीतिभोज बुधवार रात को ही था। इसके लिए भोजन तैयार करने से लेकर कई व्यवस्थाएं की गई थीं, मगर 400 लोगों का भोजन बर्बाद गया। अब प्रीतिभोज की तिथि भी आगे बढ़ा दी गई है। इस प्रकार दोनों ही पक्षों को भारी परेशानियां उठानी पड़ी और शादी का दोगुना खर्च उठाना पड़ा।
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बुधवार को फुरकियाझाला से दियूरी गांव जाने वाली बारात भी जाम के कारण समय से नहीं पहुंच सकी। सड़क खुलने के इंतजार में कुछ बाराती थक-हारकर रास्ते से ही लौट गए, जबकि अन्य बारातियों को करीब आठ किमी पैदल चलना पड़ा। फुरकियाझाला के लाल सिंह के बेटे राजू का विवाह दियूरी के पान सिंह की बेटी चंदा से 21 फरवरी को था। बारात दिन की थी, लेकिन समय पर नहीं पहुंची। तीन घंटे तक बस्टिया मझेड़ा में जाम में फंसने के बाद बाराती यहां से पैदल ही आगे बढ़े। कई बाराती धौन से बजौन मोड़ तक करीब नौ किमी पैदल चले।
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उतार-चढ़ाव भरे रास्ते का सफर 69 बारातियों ने करीब सवा दो घंटे में पूरा किया। वहीं 23 बाराती सड़क खुलने का इंतजार करने के बाद लौट गए। बजौन मोड़ से दियूरी तक का सफर गांव की जीप से हुआ। इन बारातियों को लाने के लिए दो जीपों को दो चक्कर लगाने पड़े। दोपहर 1:53 बजे होने वाली शादी रात 8.31 बजे हुई। बारातियों को दोपहर में बना खाना रात में खिलाना पड़ा। शादी की रस्म पूरी करने के बाद बारात आधी रात बाद करीब एक बजे वापस फुरकियाझाला पहुंची। वहीं, वर पक्ष के घर में भी दिन से इंतजार के चलते अफरातफरी मची रही। बहरहाल कई चुनौतियों के बीच बारात के सकुशल पहुंचने पर सभी ने राहत की सांस ली।
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टनकपुर के बिचई गांव से चौड़ी गांव आई बारात दूसरे दिन बृहस्पतिवार सुबह यहां से विदा हुई। सुनील की बारात चौड़ी गांव की प्रधान विमला राय और आनंद राय के घर बुधवार रात करीब नौ बजे पहुंची। देर रात तक विवाह की रस्म होती रही। रात को दोबारा भोजन बनाया गया। रिश्तेदारों के घरों में रहने की व्यवस्था की गई। वहीं बृहस्पतिवार शाम को बिचई में प्रीतिभोज हुआ।

 
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