बैंक डेबिट कार्ड घोटाले ने सारे ग्राहकों की नींद उड़ा रखी है। लेकिन शायद आपको पता नहीं कि यह डेबिट कार्ड आपको बड़े-बड़े रिस्क से बचा सकता है। पैसा निकालने, ट्रांसफर करने के अलावा भी इसके कई लाभ हैं।
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atm
- फोटो : amar ujala
इस कार्ड में दुर्घटना बीमा का लाभ छिपा होता है। यह बीमा, बैंकों की ओर से दिया जाता है। बीमा की जागरूकता को लेकर बैंक अक्सर किनारा करते हैं। लिहाजा, ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है।
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एटीएम
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किसी भी सरकारी या गैर सरकारी बैंक का डेबिट कार्ड आपके पास है तो आपका उस बैंक में अपने आप ही दुर्घटना बीमा हो जाता है। यह बीमा 25,000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का होता है। इस योजना को शुरू हुई कई साल हो गए हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है, क्योंकि बैंक कभी खुद ये जानकारी ग्राहकों को नहीं देते हैं।
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एटीएम
- फोटो : concept photo
स्कीम के मुताबिक आंशिक विकलांगता से लेकर मौत होने तक अलग-अलग तरह के मुआवजे का प्रावधान है। खास बात यह है कि एटीएम धारक को इसके लिए अलग से कोई पैसा भी जमा नहीं करना होता है।
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एटीएम कार्ड अगर आपके पास है तो स्वत: ही आपको इसका लाभ मिल जाएगा। अगर किसी भी एटीएम कार्ड धारक की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके नॉमिनी को बैंक की ओर से मुआवजा राशि दी जाती है।
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एटीएम
- फोटो : concept photo
छात्रों के लिए मित्र कार्ड पर 25,000 रुपये, मास्टर कार्ड धारक या किसान डेबिड कार्ड धारक को 50,000 रुपये, प्लेटिनम/गोल्ड कार्ड/रक्षक क्लासिक के लिए दो लाख रुपये और रक्षक प्लेटिनम कार्ड के लिए पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलता है।
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डेबिट कार्ड
- फोटो : SOCIAL MEDIA
यह प्रमाण देने जरूर: एफआईआर की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मेडिकल रिपोर्ट या पुलिस पंचनामा, डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी, अगर मरने वाला व्यक्ति गाड़ी चलाते वक्त हादसे का शिकार हुआ है तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी भी देनी होगी।
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डेबिट कार्ड
- फोटो : फाइल फोटो
सरकार के नियमों के हिसाब से कार्ड धारक के परिजन अगर दावा पेश करते हैं तो उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति की मौत के बाद परिजन बैंक जाएं और बैंक मुआवजा देने से इंकार करे तो उसकी शिकायत की जा सकती है। साथ ही उपभोक्ता फोरम में भी वाद दायर कर सकते हैं।
बैंकों में एटीएम पर दुर्घटना बीमा मुआवजा देने का प्रावधान है। इस बीमे के लिए ग्राहक से अलग से कोई चार्ज नहीं लगता।दुर्घटना होने के 45 दिन के भीतर उन्हें यह क्लेम दिया जाता है। जरूरी है कि परिजन आवश्यक दस्तावेज लेकर आएं।
- अनिल कुमार खोसला, मंडल प्रमुख, पंजाब नेशनल बैंक