आज बैसाखी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी सहित गंगा के कई घाटों पर पहुंचकर पुण्य स्नान किया। मेष संक्रांति का पुण्यकाल आज सुबह 7.44 बजे से दोपहर बाद 2.08 बजे तक रहेगा।
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इस मुहूर्त में स्नान करना बेहद शुभ और पुण्यकारी माना जाता है। रविवार को भक्तों ने गंगा के नियत घाटों पर देव पितृ कर्मकांड संपन्न किए। हरकी पैड़ी पर सर्वाधिक श्रद्घालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई।
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स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने कुशावर्त घाट पहुंचकर देव संस्कार संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने पितृों के निमित्त भी कर्मकांड किया।
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चूंकि मेष संक्रांति का पुण्यकाल रविवार को सवेरे 7.44 बजे प्रारंभ हुआ। इसलिए सुबह स्नान के लिए भक्त गंगा घाटों पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कर्ण छेदन, मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराए।
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परंपराओं का निर्वहन करते हुए बहुत से किसान भी बैसाखी का जल भरने के लिए हरिद्वार पहुंचे। भगवान भास्कर मीन राशि त्यागकर मेष राशि में प्रविष्ट हो गए।
मेष की संक्रांति पर्वतीय अंचलों में बहुत पवित्र मानी जाती है। इस दिन नए वस्त्र धारण कर श्रद्धालु कई प्रकार के धार्मिक कर्मकांड संपन्न कराते हैं। मेष संक्रांति के दिन नव प्रतिष्ठानों का शुभारंभ भी किया जाएगा।