brahma kamal
खास बात यह है कि यह पुष्प अपने मूल स्थान से करीब पांच हजार फीट नीचे केदारनाथ में भी मई माह के तीसरे सप्ताह में खिल चुका है, जबकि वासुकीताल, दुग्ध व मधु गंगा सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इसकी पौध बमुश्किल से दो से तीन इंच तक पनप पाई है। केदारनाथ में पुलिस द्वारा स्थापित ब्रह्मवाटिका में इस वर्ष 20 मई को ब्रह्मकमल के करीब दर्जनभर पौधों में पुष्प की कली खिल गई थी, जो हफ्ते भर पहले पुष्प के रूप में अपना पूरा आकार ले चुकी है। यहां ब्रह्मकमल के 42 पुष्प खिले हुए हैं। इसके अलावा वाटिका में 168 पौधों में कुछ तेजी से बढ़ रहे हैं। यही नहीं, ब्रह्मकमल के साथ यहां वाटिका में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाली घास व अन्य प्रजातियों की पौध भी हरीभरी है, साथ ही भृंगराज के कई पौधे भी खिले हुए हैं।