कोटद्वार के देवी रोड स्थित सर्विस सेंटर के पानी के टैंक में गिरे शिशु हाथी को वन विभाग ने मंगलवार देर रात को रेस्क्यू कर सही सलामत पानी के टैंक से बाहर निकाल तो दिया लेकिन वह जंगल में छोड़ने से पहले ही चकमा देकर भाग गया।
विज्ञापन
2 of 7
baby elephant rescue
- फोटो : AmarUjala
वन कर्मी उसकी तलाश में जुटे हुए हैं लेकिन उसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। बलभद्रपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र बिष्ट ने बताया कि शिशु हाथी रात भर बलभद्रपुर और रतनपुर के आवासीय कॉलोनियों में घूमता रहा।
विज्ञापन
3 of 7
baby elephant rescue
- फोटो : AmarUjala
मंगलवार तड़के एक शिशु हाथी उत्तर प्रदेश के जंगल से निकलकर देवी रोड स्थित एक सर्विस सेंटर के पानी के टैंक में गिर गया था। कोटद्वार एसडीओ गिरीश चंद्र बेदवाल के नेतृत्व में वन अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने रात के दस बजे शिशु हाथी को पानी के टैंक से निकालने की कार्रवाई शुरू की।
4 of 7
elephant
बच्चे के सिर पर रस्सी बांधकर ट्रैक्टर के सहारे बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन वह बाहर नहीं आ पाया। जेसीबी मशीन से टैंक का स्लैब तोड़ा गया, और हाथी के कमर पर रस्सा बांधकर उसे टैंक से बाहर निकाला गया।
विज्ञापन
5 of 7
baby elephant rescue
- फोटो : AmarUjala
टैंक से बाहर आते ही बच्चे ने इधर-उधर भागना शुरू कर दिया, रस्सों से बंधे हाथी पर किसी प्रकार वन कर्मियों ने काबू पाया। रेस्क्यू करने के बाद बच्चे को जंगल में छोड़ने के लिए लेकर जा रहे थे, वन अधिकारियों ने जंगल आने से 200 मीटर पहले ही हाथी की एक रस्सी छोड़कर बाकी खोल दी।
विज्ञापन
6 of 7
baby elephant rescue
- फोटो : AmarUjala
रस्सी खोलते ही शिशु हाथी ने सड़क पर दौड़ लगा दी, और वह रतपुर की एक संकरी गली में घुस गया और वहां से गायब हो गया। वन कर्मी शिशु हाथी को रातभर ढूंढते रहे।
बच्चे को ढूंढने के लिए भटकते रहे वन कर्मी
कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथी के बच्चे को ढूंढने के लिए वन कर्मियों ने बलभद्रपुर, काशीरामपुर, कौड़िया, रामपुर आदि क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी, लेकिन, अभी तक उसका कुछ भी पता नहीं चल पाया है। उसके गरदन में रस्सी बंधी हुई है। वन कर्मी उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।