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अपनी सबसे बड़ी परेशानी का इलाज बाबा रामदेव से कराएगा चीन, तैयार की ये रणनीति

Sun, 15 Apr 2018 08:57 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
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ramdev
बाबा रामदेव की इस विद्या को देख चीन ने भी अपने घुटने टेक दिए हैं। ड्रेगन अब बाबा रामदेव से अपनी सबसे बड़ी परेशानी का इलाज करने की तैयारी में है।
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योग गुरु बाबा रामदेव - फोटो : फाइल फोटो
चीन की जिनपिंग सरकार अपने देश में बढ़ रहे बुढ़ापे और आलस्य का इलाज बाबा रामदेव के योग से करवाने जा रहे हैं। इसके लिए बृहस्पतिवार को चीन से पहुंचे 20 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल दल ने पतंजलि पहुंचकर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण से बातचीत की। चीन के उद्योगपतियों ने पतंजलि जैसे संस्थान अपने देश में खड़े करने की बात कही।
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xi jinping
पतंजलि के विश्वस्तरीय अनुसंधान केंद्र में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद पर किए गए क्लीनिकल परीक्षणों की रिपोर्ट देखकर चीनी प्रतिनिधिमंडल दल में शामिल सदस्य हैरान हो गए। प्रयोगों के माध्यम से प्रतिनिधियों को दिखाया गया कि योग ने किस प्रकार असाध्य रोगों का इलाज किया है।

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baba ramdev - फोटो : amar ujala
परीक्षणों की रिपोर्ट दल को सौंपी गई। बढ़ती उम्र के साथ आने वाले रोगों को योग के माध्यम से ठीक होता देख प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों को उम्मीद है कि योग उनके देश में थकान और बुढ़ापे का इलाज करेगा।
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पंतजलि फूड एंड हर्बल पार्क - फोटो : amar ujala
यह दल चाहता है कि बाबा रामदेव चीन आकर तीन बड़े शहरों में पतंजलि के तीन मॉडल पहले चरण में खड़े करें। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि चीन में करोड़ों लोग मधुमेह, कैंसर, ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। चीनी दल इस बात से चिंतित है कि वहां तेजी से बुढ़ापा बढ़ रहा है। इसके लिए चीन ने पूरी दुनिया में प्रचलित प्राकृतिक उपचारों की तलाश और अध्ययन किया था।
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Ayurveda
अध्ययन से उसे पता चला कि भारत का योग और आयुर्वेद सबसे बेहतर व सबसे सस्ता है। इसके लिए चीन के उद्योगपति पतंजलि जैसे संस्थान अपने देश में स्थापित करने के लिए तैयार हैं। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया है कि बाबा रामदेव स्वयं चीन आकर वहां के उद्योगपतियों के साथ आयुर्वेद के उद्योग खड़े करें। शहर-शहर भारत की तर्ज पर योग की कक्षाएं लगाएं। आचार्य ने बताया कि पतंजलि से एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र चीन जाएगा।
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