बुधवार को पतंजलि पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर योग गुरू बाबा रामदेव का नया ही रूप देखने को मिला। बाबा रामदेव के इस रूप को देखकर पतंजलि आए हजारों योग साधक खुद को झूमने से रोक नहीं पाए।
विज्ञापन
2 of 6
पतंजलि अनुसंधान केंद्र के उद्घाटन के मौके पर हजारों योग साधकों ने बाबा रामदेव को एक भजन गायक के रूप में सुना। बाबा ने सुर और ताल के संगम से ऐसा समां बांधा कि हर कोई हैरान रह गया।
विज्ञापन
3 of 6
वहीं आचार्यकुलम के एक ब्रह्मचारी ने बाबा रामदेव पर रचित गीत प्रस्तुत किया। जिसमें बाबा रामदेव को स्वामी दयानंद का अवतार बताया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने से पहले बाबा रामदेव ने देशभर से आए योग साधकों को योग और अध्यात्म की बातों से बांधे रखा।
4 of 6
इस बीच बाबा रामदेव ने एक भजन ‘भगवान आर्यों को ऐसी लगन लगा दे, देश और धर्म की खातिर मिटना इन्हें सिखा दे’ प्रस्तुत किया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
विज्ञापन
5 of 6
देश दुनिया को योग सिखाने वाले बाबा रामदेव सुर और ताल में भी गुरु नजर आए। वहीं आचार्यकुलम के एक ब्रह्मचारी ने यारों सब दुआ करो कव्वाली की धुन पर ‘भाई एक संत निराला, गजब हरियाणे वाला, अवतार स्वामी दयानंद का’ प्रस्तुत कर तालियां बटोरी।
वहीं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के एक कार्यकर्ता लक्ष्मीनारायण ने स्वतंत्रता आंदोलन का खाका खींचते हुए ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ गीत सुनाया। हालांकि ब्रह्मचारी और कार्यकर्ता दो मिनट से ज्यादा प्रस्तुति नहीं दे पाए। फिर भी कार्यक्रम में बाबा रामदेव के भजन व गीत संगीत ने सबका मन मोह लिया।