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Uttarkashi Avalanche: वायु सेना का विमान 10 शव लेकर पहुंचा मातली हेलीपैड, लापता दो की खोजबीन जारी

Sun, 09 Oct 2022 05:40 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी।
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रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला
हिमस्खलन हादसे में जान गंवाने वाले 10 और प्रशिक्षु पर्वतारोहियों के शव रविवार को मातली हेलीपैड पर लाए गए। सभी शवों को पीएम के बाद परिजनों को सौंपा गया। अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं जबकि छह शव लाए जाने बाकी हैं। दो प्रशिक्षुओं की तलाश जारी है। 
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रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला
बीते चार अक्तूबर को द्रौपदी का डांडा-2 चोटी पर आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर निम के प्रशिक्षु पर्वतारोही व प्रशिक्षकों सहित 29 लापता हो गए थे। छह अक्तूबर से एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, हॉज व निम ने घटना स्थल पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। बीते शनिवार तक 11 शव परिजनों को सौंप दिए गए थे। 

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रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला
रविवार को भी पोस्टमार्टम के बाद 10 शव परिजनों को सौंप दिए गए। अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं जबकि छह शव अभी लाए जाने बाकी हैं। दो प्रशिक्षु पर्वतारोही अभी भी लापता चल रहे हैं जिनकी तलाश जारी है। 

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पर्वतारोहियों के शव पहुंचाएं गए घर। - फोटो : अमर उजाला
सेना से जुड़े प्रशिक्षु को दी गई अंतिम सलामी
रविवार को बेस कैंप से मातली हेलीपैड पर पहुंचाए गए 10 शवों में लांस नायक शुभम सिंह का पार्थिव शरीर भी था जिन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, विधायक सुरेश चौहान, सीओ प्रशांत कुमार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। 
 
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पर्वतारोहियों के शव पहुंचाएं गए घर। - फोटो : अमर उजाला
मौसम की बेरुखी बन रही रेस्क्यू में बाधा
घटना के पांच दिन के बाद भी बरामद शवों को उत्तरकाशी नहीं लाया जा सका है। वहीं तीन पर्वतारोही अभी भी लापता चल रहे हैं। घटना स्थल पर बार-बार बदल रहे मौसम से रेस्क्यू अभियान बाधित हो रहा है। शनिवार को भी मात्र सात शवों को ही लाया जा सका। रेस्क्यू दल मौसम ठीक होने का इंतजार करता रहा। वहीं मातली हेलीपैड पर भी परिजन व प्रशासन घटना स्थल पर मौसम ठीक होने व शवों के पहुंचने का इंतजार करते रहे। 

ये शव लाए गए
1-रक्षित के पुत्र कुमार जेएच निवासी बंगलूरू। 
2-नरेंद्र सिंह पुत्र अकवीर सिंह निवासी उत्तराखंड। 
3-सतीश रावत पुत्र शूरवीर सिंह निवासी टिहरी गढ़वाल। 
4-अमित कुमार शॉ पुत्र अर्जुन शॉ निवासी कोलकाता। 
5-अतुनु धार पुत्र शशांकाधर निवासी नई दिल्ली। 
6-गोहिल अर्जुन सिंह पुत्र गोहिल भूपेंद्र सिंह निवासी गुजरात। 
7-अंशुल कैंथला पुत्र इंदर कैंथला निवासी शिमला हिमाचल प्रदेश। 
8-विक्रम एम पुत्र मैलेश निवासी कर्नाटका। 
9-लांस नायक शुभम सिंह पुत्र देवी प्रसाद निवासी उत्तरप्रदेश। 
10-कपिल पंवार पुत्र जगमोहन सिंह निवासी बनगांव उत्तरकाशी। 

कब क्या हुआ
4 अक्तूबर को करीब पौने नौ बजे एवलांच की चपेट में आए प्रशिक्षु व प्रशिक्षु पर्वतारोही
4 अक्तूबर को ही फर्स्ट रिस्पांडर ने बरामद किए 4 शव।
6 अक्तूबर को रेस्क्यू दल घटना स्थल पर पहुंचा, 15 शव किए बरामद।
7 अक्तूबर को रेस्क्यू दल ने 7 और शव बरामद किए। घटना के दिन बरामद चार शवों को उत्तरकाशी पहुंचाया गया। 
8 अक्तूबर को 7 शवों को एडवांस बेस कैंप से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया। वहीं रेस्क्यू दल ने घटना स्थल से एक और शव बरामद किया। 
9 अक्तूबर को 10 शव सेना के हेलीकाप्टर से पहुंचे मातली।
( अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंप जा चुके हैं, 6 शव एडवांस बेस कैंप में हैं, 2 अभी भी लापता हैं।)
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