इस महीने 19 नवंबर को देव जागरण हो जाएगा। देवोत्थान एकादशी के दिन बिन सुझाहे (बिना मुहूर्त वाले) विवाहों की भरमार रहेगी, लेकिन इसके बाद पांच अप्रैल तक शहनाइयों की आवाज बहुत कम सुनने को मिलेगी। क्योंकि पांच अप्रैल तक कुल 25 मुहूर्त ही शेष है। गुरु के अस्त होने के कारण दस दिसंबर तक विवाह मुहूर्त नहीं हैं।