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बेहद शुभ और खास है 18 मार्च का दिन, रुके हुए काम अब होंगे शुरू, जानिए क्यों?

Sun, 18 Mar 2018 03:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हरिद्वार
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शुभ मुहूर्त - फोटो : demo
क्या आप जानते है कि 18 मार्च का दिन बेहद खास और शुभ है। जानिए क्यों?
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शुभ मुहूर्त - फोटो : demo
5 मार्च से सभी के रुके हुए कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा। होली जलने के साथ ही जनवरी से चले आ रहे अग्नि पर्वों का समापन हो गया है। अब होलाष्टक के कारण रुके हुए विवाह आदि मांगलिक कार्य भी पांच मार्च से शुरू हो जाएंगे।
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बसंत ऋतु - फोटो : अमर उजाला
नवसवत्सर 18 मार्च से प्रारंभ होगा और देश भर में नया वर्ष मनाया जाएगा। वसंत ऋतु का आगमन 14 मार्च को होगा।  अग्नि पर्वों का शुभारंभ लोहड़ी एवं मकर संक्रांति की आग से होता है और होली दहन से समापन हो जाता है। इस बीच अनेक पर्व होते हैं।

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holi - फोटो : अमर उजाला
 गुड़ और तिल का इन पर्वों से विशेष संबंध है। होली के साथ ही तिल से बने पदार्थों को सेवन भी समाप्त हो जाता है। होली बीतते ही बसंत ऋतु के आगमन की आस लगती है। अभी तक शिशिर ऋतु चल रही है। इस ऋतु में पेड़ों के पुराने पत्ते झड़ते हैं और नई कोपलें निकल आती हैं।
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होली - फोटो : demo
पेड़ों पर छोटे और नए पत्ते निकलकर अपनी खुशबू बिखेरते हैं। इसी के साथ नए फूलों का खिलना भी शुरू हो जाता है। 14 मार्च को शिशिर ऋतु का समापन हो जाएगा तथा दो महीने चलने वाली बसंत ऋतु आएगी।
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holi - फोटो : gettyimages
बसंत का आगमन ही एक प्रकार से ग्रीष्म के आने का निमंत्रण है। वास्तव में बसंत के आगमन का बीजारोपण बसंत पंचमी के दिन हो जाता है। किंतु यह ऋतु अपने मूल स्वरूप में होली के 15 दिन बाद आती है। चैत्र अमावस्या 17 मार्च को बीत जाएगी और 28 मार्च से नया वर्ष प्रारंभ होगा।

 
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marriage
विवाह आदि का रुका सीजन पांच मार्च से प्रारंभ हो रहा है। यह सीजन अब अनवरत जारी रहेगा। सावन में भी हरियाले विवाह होते रहेंगे। अग्नि पर्व के साथ एक पर्व काल बीता। अब नए वर्ष की प्रतीक्षा है।
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