फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेना दिवस 2019: वीरता की मिसाल देवभूमि के जवान, हर 100वां सैनिक उत्तराखंडी 

Tue, 15 Jan 2019 08:56 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
ima pop 2018
जब भी सेना का जिक्र होता है तो उसमें कम जनसंख्या घनत्व वाले राज्य उत्तराखंड का नाम गौरव के साथ लिया जाता है। यह माना जाता है कि सेना का हर सौवां सैनिक उत्तराखंड से है। वीरता हो या सेना में भर्ती होने का उत्साह, उत्तराखंड ने इस फलक पर खुद को अव्वल साबित किया है। 
विज्ञापन

2 of 5
ima pop 2018
आजादी से पहले हो या बाद में, यहां का नाम हमेशा सेना के गौरव से जुड़ा रहा है। हर साल उत्तराखंड के करीब नौ हजार युवा सेना में शामिल होते हैं। राज्य के 1,69,519 पूर्व सैनिकों के अलावा करीब 72 हजार जवान सेवारत हैं। 1948 के कबायली हमले से लेकर कारगिल युद्ध और इसके बाद आतंकवादियों के खिलाफ चले अभियान में यहां के सैनिकों की अहम भूमिका रही है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
ima pop 2018
खास बात यह है कि यहां के युवा अंग्रेजी हुकूमत में भी पहली पसंद में रहते थे। अंग्रेजों ने यहां के सैनिकों को नेतृत्व के लिए बेहतर पाया था। सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए अकादमी की नींव 1922 में देहरादून में रखी गई थी। प्रिंस ऑफ वेल्स राय मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) दून में ही खोला गया। 1932 में आईएमए की शुरुआत हुई। गढ़वाली, कुमाऊंनी, गोरखा और नागाओं को प्रशिक्षण देने के लिए पर्वतीय हिस्से को चुना गया था।
 

4 of 5
केएम करियप्पा
इसलिए मनाते हैं सेना दिवस
सेना दिवस, हर वर्ष 15 जनवरी को लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) केएम करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश राज के समय के भारतीय सेना के अंतिम अंग्रेज शीर्ष कमांडर जनरल रॉय फ्रांसिस बुचर से यह पदभार ग्रहण किया था।
 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
martyr
यह दिन सैन्य परेडों, सैन्य प्रदर्शनियों व अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों के साथ सभी सेना मुख्यालयों में मनाया जाता है। इस दिन उन सभी बहादुर सेनानियों को सलामी भी दी जाती है, जिन्होंने कभी ना कभी अपने देश और लोगों की सलामती के लिए अपना सर्वोच्च न्योछावर कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें