करीब 40 मिनट के इस पारिवारिक मिलन के बाद वह सड़क मार्ग से मातली हेलीपैड के लिए रवाना हो गए। जहां से वह हेलीकॉप्टर के जरिए दिल्ली लौट गए। इस अवसर पर उनके परिजन परमेंद्र परमार, शैलेंद्र परमार, प्रमोद परमार, पिंकी देवी, शांति देवी, अंजली देवी, मेहरबान सिंह परमार तथा दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।