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सालों बाद ननिहाल पहुंचे आर्मी चीफ तो चेहरे पर झलक आई खुशी, लिया पहाड़ी खाने का स्वाद

Fri, 20 Sep 2019 03:57 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
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- फोटो : अमर उजाला
कई सालों बाद आज आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत उत्तरकाशी जिले में अपने ननिहाल थाती धनारी पहुंचे। ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ उनका और उनकी पत्नी का भव्य स्वागत किया। उत्तराखंड के तीन दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत अपनी धर्मपत्नी के साथ आज अपने ननिहाल पहुंचे। जहां उन्होंने अपने परिजनों व अन्य ग्रामीणों से मुलाकात कर बचपन के दिनों को याद किया।
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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि डुंडा ब्लॉक के धनारी पट्टी स्थित थाती गांव में आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत का ननिहाल है। जहां आज भी उनके मामा का परिवार व कुछ अन्य दूर के रिश्तेदार रहते हैं। इन्हीं परिजनों से मुलाकात करने के लिए आर्मी चीफ अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ थाती गांव पहुंचे।
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- फोटो : अमर उजाला
तय कार्यक्रम के अनुसार आर्मी चीफ सुबह करीब साढ़े नौ बजे हर्षिल से हेलीकॉप्टर के जरिए मातली स्थित आईटीबीपी हेलीपैड पहुंचे। जहां से सड़क मार्ग से करीब 30 किमी का सफर तय करके वह थाती गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने ढोल दमाऊं और फूल मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

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- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले आर्मी चीफ ने कुल देवी मां राजराजेश्वरी मंदिर में करीब 15 मिनट तक पूजा अर्चना की। जिसके बाद करीब आधा किमी पैदल चलकर अपने ममेरे भाई नरेंद्र परमार के घर पहुंचे। गांव के मुख्य द्वार पर भारत माता और भारतीय सेना के जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया।
 
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- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान जनरल रावत ने अपने नाना के लकड़ी और पत्थर से बने दशकों पुराने पांच मंजिला (पंचपुरा) घर को देखा और इस घर से जुड़ी यादें साझा कीं। इसके बाद उन्होंने अपने ममेरे भाई नरेंद्र सिंह परमार व बहू संगीता देवी सहित सभी परिजनों से मुलाकात कर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई।
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- फोटो : अमर उजाला
इस बीच उनकी धर्मपत्नी ने परिजनों को उपहार भेंट किए। जबकि रिश्तेदारों ने भी उन्हें परिवार से जुड़ी पुरानी तस्वीरें तथा शॉल आदि सौगात भेंट की। इस मेल मुलाकात के दौरान जनरल रावत ने सभी लोगों का आभार प्रकट करते हुए जल्द ही दोबारा लौटने व गांव के विकास में सहयोग देने का भरोसा दिया।
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करीब 40 मिनट के इस पारिवारिक मिलन के बाद वह सड़क मार्ग से मातली हेलीपैड के लिए रवाना हो गए। जहां से वह हेलीकॉप्टर के जरिए दिल्ली लौट गए। इस अवसर पर उनके परिजन परमेंद्र परमार, शैलेंद्र परमार, प्रमोद परमार, पिंकी देवी, शांति देवी, अंजली देवी, मेहरबान सिंह परमार तथा दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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