देवस्थल टेलीस्कोप से खोजे गए तारे चर कांति तारे हैं। ये अंतरिक्ष में स्थित वे तारे होते हैं, जिनकी चमक लगातार बदलती रहती है। चमक बदलने का कारण उनका फैलना या सिकुड़ना, उनसे निकलने वाली चमक का घटना या बढ़ना, राह में आने वाली कोई बाधा या समीप में स्थित किसी पिंड से लगने वाला ग्रहण हो सकता है। देवस्थल में 3.6 मीटर का डीओटी (देवस्थल ऑप्टिकल टेलीस्कोप) एशिया का सबसे बड़ा रिफ्लेक्टिव टेलीस्कोप है। चार टन से अधिक वजन के मिरर और 32.4 मीटर फोकल लेंथ वाले इस टेलीस्कोप की स्थापना बेल्जियम के सहयोग से 2016 में की गई थी। इसका उद्घाटन रिमोट से 31 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री चार्ल्स माइकल ने ब्रुसेल्स से किया था।