रेलवे की व्यवस्थाओं का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि नजीबाबाद-कोटद्वार रेलवे लाइन पर जुलाई में ढहे रेलवे पुल के पिलर की अभी मरम्मत चल ही रही थी कि दूसरा पिलर भी ढह गया।
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sukhrau rail pillar collapsed
- फोटो : AmarUjala
इसी के साथ नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच रेलवे लाइन पर ध्वस्त रेल पुल का एक और पिलर ढहने से 15 अक्तूबर से कोटद्वार तक रेलों का संचालन शुरू कराने के रेलवे के अधिकारियों के प्रयासों पर फिलहाल पानी फिरता नजर आ रहा है।
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- फोटो : AmarUjala
गत 23 जुलाई को रेल कर्मियों की सतर्कता से रेल हादसा टलने के बाद से जहां कोटद्वार ब्रांच लाइन पर रेलों का संचालन अब तक ठप है। वहीं उत्तर रेलवे के मुख्यालय बड़ौदा हाउस से लेकर मुरादाबाद रेल मंडल तक के रेल अधिकारी इस पुल का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं है।
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- फोटो : AmarUjala
पांच सितंबर को बड़ौदा हाउस दिल्ली से आए प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर आरके अग्रवाल ने तकनीकी अधिकारियों के साथ इस पुल का निरीक्षण किया था।
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रेलवे पुल का एक पिलर ढह गया।
- फोटो : अमरउजाला
उन्होंने निर्माण इकाई को ध्वस्त पिलर का शीघ्र निर्माण कराकर 15 अक्तूबर तक रेलों का आवागमन पुन: शुरू कराने के निर्देश दिए थे। मंगलवार तड़के नजीबाबाद की ओर से पहला पिलर भी सुखरौ नदी की उफान की भेंट चढ़ गया। (पहले पिलर के ढहने के बाद की तस्वीर।)
बाकी पिलर भी खतरे की जद में हैं।
- फोटो : अमरउजाला
डीआरएम मुरादाबाद प्रमोद कुमार ने कहा कि रेल पुल के तकनीकी मुआयने के लिए प्रिंसिपल इंजीनियर आ चुके हैं। एक और पिलर तकनीकी रूप से तिरछा होने के बाद बड़ौदा हाउस नई दिल्ली से चीफ ब्रिज इंजीनियर एमपी सिंह बुधवार को सुखरो रेल पुल का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। तकनीकी निरीक्षण के बाद ही रेल पुल के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।